कोलेस्ट्रोल क्या होता है | कोलेस्ट्रोल बढ़ने से होने वाले नुकसान एवं कोलेस्ट्रोल कम करने के प्राकृतिक उपाय -

कोलेस्ट्रोल क्या होता है ? -  कोलेस्ट्रोल एक प्रकार की वसा है जो हमारे लीवर (यकृत) में बनता है . यह मोम के जैसा होता है जो हमारे शरीर की विभिन्न गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक होता है .
यह कोशिका झिल्ली का महत्वपूर्ण भाग होता है कोशिका झिल्ली को प्राग्म्यता एवं तरलता बनाये रखने के लिए कोलेस्ट्रोल की आवश्यकता होती है .

कोलेस्ट्रोल क्या होता है  | कोलेस्ट्रोल बढ़ने से होने वाले नुकसान एवं कोलेस्ट्रोल कम करने के प्राकृतिक उपाय -


कोलेस्ट्रोल रक्त प्लाज्मा द्वारा शरीर के विभिन्न हिस्सो में पहुंचता है . कोलेस्ट्रॉल शरीर में विटामिन डी, हार्मोन्स और पित्त का निर्माण करता है, जो शरीर के अंदर पाए जाने वाले वसा को पचाने में मदद करता है . 20 से 25  प्रतिशत कोलेस्ट्रोल  शरीर में यकृत द्वारा बनता है जबकि  भोजन में मांसाहारी आहार के माध्यम से भी पहुंचता है यानी अंडे, मांस, मछली और डेयरी उत्पाद इसके प्रमुख स्रोत हैं . अनाज, फल और सब्जियों में कोलेस्ट्रॉल नहीं पाया जाता.

कोलेस्ट्रोल रक्त में घुलनशील नही होता है . शरीर में इसकी मात्रा यदि ज्यादा बढ़ जाए तो यह शरीर में रक्त के प्रवाह को कम कर देता है  जिससे  हमें कई बिमारी होने का खतरा भी बढ़ जाता है जैसे - उच्च रक्तचाप  (High Blood Pressure), हृदय आघात (Heart Attack) , जोड़ो में दर्द आदि .

कोलेस्ट्रोल के प्रकार (Types of Cholesterol in Hindi) -

कोलेस्ट्रोल 3 प्रकार का होता है -

1. LDL (एल डी एल) - लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन (Low Density Lipoprotien ) या  निम्न घनत्व कोलेस्ट्रोल -  यह कोलेस्ट्रोल का एक प्रकार  है जो सबसे ज्यादा हानिकारक माना जाता है . इसका निमार्ण  हमारे शरीर में लीवर के द्वारा होता है यह वसा को  लीवर से शरीर अन्य भागो जैसे मांसपेशियों , उत्तको , इन्द्रियों तथा ह्रदय तक पहुंचता है . रक्त में LDL की मात्रा ज्यादा होने पर यह रक्त नलिकाओं में   जमने लगता  है जिससे  रक्त प्रवाह का मार्ग रूक जाता है और   रक्त प्रवाह की दर में कमी हो  सकती है कभी कभी LDL कोलेस्ट्रोल का लेवल ज्यादा होने पर यह रक्त  नालिकाओ के छिद्रों को पूर्णतया बंद कर देता है जिसके  
कारण Heart Attack (हृदय अघात / दिल का दौरा) पड़ता है . रक्त में LDL का सामान्य स्तर 100 मिलीग्राम / डीएल से कम होना चाहिए.

2. HDL (एच डी एल) - उच्च डेंसिटी लिपोप्रोटीन (High Density Lipoprotien) या उच्च घनत्व कोलेस्ट्रोल - यह कोलेस्ट्रोल का द्वित्य  प्रकार है जो की अच्छा कोलेस्ट्रोल मन जाता है . इसका निर्माण हमारे  शरीर के अन्दर लीवर में होता है .HDL कोलेस्ट्रॉल और पित्त को ऊतकों और इंद्रियों से रीसायकल करता है और वापस लीवर में पहुंच जाता है . HDL कोलेस्ट्रॉल की मात्रा का अधिक होना  अच्छा संकेत माना जाता  है, क्योंकि इससे हृदय के स्वस्थ होने का पता चलता है.

उच्च घनत्व कोलेस्ट्रोल के उत्तम स्रोत है  - मछली का तेल, सोयाबीन उत्पाद, एवं हरी पत्तेदार सब्ज़ियां  इनके लगातार सेवन से हम HDL लेवल बढ़ा सकते है . इसके अतिरिक्त व्यायाम करने से भी HDL लेवल बढाया जा सकता है जैसे   -  सप्ताह में पांच दिन, एवं प्रत्येक बार लगभग 30 मिनट के लिए ऐरोबिक व्यायाम (पैदल चलना, दौड़ना, सीढ़ी चढ़ना आदि) करें तो केवल दो महीनों में एचडीएल 5 प्रतिशत तक बढ़ा सकते हैं।

HDL लेवल बढ़ाने के लिए अन्य उपाय जैसे - धूम्रपान कम या बंद करने भर से HDL 10 प्रतिशत तक बढ़ सकता है . वज़न कम करना भी अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने का अन्य सबसे अच्छा तरीका है.

3. VLDL (वी एल डी एल) - वैरी लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन ( Very Low Density Lipoprotien ) या अत्यधिक निम्न घनत्व लिपोप्रोटीन यह कोलेस्ट्रोल का तीसरा प्रकार है जो सबसे ज्यादा हानिकारक कोलेस्ट्रोल माना जाता है . हार्ट अटैक (Heart Attack) एवं दिल की बीमारियों के लिए VLDL सबसे ज्यादा जिम्मेवार होता है .


कोलेस्ट्रोल का सामान्य स्तर कितना होता है / Normal level Of Cholesterol in Body - 

हमारे रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर 3.6 मिलिमोल्स प्रति लिटर से 7.8 मिलिमोल्स प्रति लीटर के बीच होता है. 6 मिलिमोल्स प्रति लीटर कोलेस्ट्रॉल को उच्च माना जाता है . 7.8 मिलिमोल्स प्रति लीटर से ज्यादा कोलेस्ट्रॉल को अत्यधिक उच्च कोलेस्ट्रॉल का स्तर माना जाता है .

कोलेस्ट्रोल बढ़ने के कारण -

यदि आपका कोलेस्ट्रोल लेवल बढ़ा हुआ है तो आपको कोलेस्ट्रोल बढ़ने के कारणों के बारे में भी जरूर जान लेना चाहिए - 

  • शरीर का वजन की अति वृद्धि - यदि आपका वजन आपके शरीर की लम्बाई के अनुपात में सही नहीं है तो आपका कोलेस्ट्रोल लेवल बढ़ सकता है . अपने शरीर का BMI इंडेक्स जरूर चेक करे .
  • अधिक मात्रा में वसा युक्त भोजन सेवन करने से भी कोलेस्ट्रोल लेवल बढ़ने की सम्भावना ज्यादा रहती है .
  • खानपान में लापरवाही के कारण भी कोलेस्ट्रोल लेवल बढ़ सकता है .
  • कोलेस्ट्रोल लेवल बढ़ने का सबसे बड़ा कारण नियमित रूप से  व्यायाम का अभाव है .
  • आनुवांशिक कारण -  अगर किसी परिवार के लोगों में अधिक कोलेस्ट्रॉल की समस्या होती है तो अगली पीढ़ी में भी इसकी मात्रा अधिक होने की आशंका रहती है.
  • उम्र बढ़ने के कारण - कई लोगों में शरीर में कोलेस्ट्रॉल उम्र के साथ भी बढ़ता  जाता है.

कोलेस्ट्रोल लेवल कम करने के प्राकृतिक उपाय -

यदि आपका कोलेस्ट्रोल लेवल बढ़ा हुआ है तो इन बातो पर ध्यान दे -
  • अगर आपका वजन समान्य से ज्यादा है तो सबसे पहले अपने वजन को नियंत्रित करे . अपना वजन कम करे .
  • भरपूर नींद ले . कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद ले.
  • फाइबर युक्त भोजन का सेवन करे . हरी सब्जिया एवं फलो का सेवन अधिक करे .
  • धुम्रपान से बचे . हो सके तो कम से कम करे .
  • नियमित रूप से व्यायाम करे .
  • ज्यादा चर्बी युक्त भोजन  का सेवन ना करे . 
इस प्रकार से आप कोलेस्ट्रोल लेवल कम कर सकते है . यदि आपको हमारे  द्वरा दी गयी जानकारी "कोलेस्ट्रोल क्या होता है  , What Is Cholesterol in Hindi " हो तो इस पोस्ट  को शेयर जरूर करे . इस विषय से सम्बंधित कोई भी  प्रश्न पूछने के लिए हमें Comment करके बताएं.

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कोलेस्ट्रोल क्या होता है | कोलेस्ट्रोल बढ़ने से होने वाले नुकसान एवं कोलेस्ट्रोल कम करने के प्राकृतिक उपाय - कोलेस्ट्रोल क्या होता है  | कोलेस्ट्रोल बढ़ने से होने वाले नुकसान एवं कोलेस्ट्रोल कम करने के प्राकृतिक उपाय - Reviewed by Virendra Singh on June 21, 2019 Rating: 5

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