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मुंशी प्रेमचंद का जीवन परिचय , Munshi Premchand Biography In Hindi -

October 16, 2019
प्रेमचंद जी की गिनती हिन्दी साहित्य के श्रेष्ठ साहित्यकरो में की जाती है . आज हम इस पोस्ट के माध्यम से आपको मुंशी प्रेमचंद के जीवन परिचय के बारे में बताने वाले है . मुंशी प्रेमचंद जी के जीवन परिचय , उनकी प्रमुख कृतियाँ एवं उनके द्वारा किये गए प्रमुख कार्यो को जानने के लिए इस पोस्ट को अंत तक अवश्य पढ़े.


मुंशी प्रेमचंद का जीवन परिचय , Munshi Premchand Biography In Hindi -

मुंशी प्रेमचंद का जीवन परिचय / Munshi Premchand Biography In Hindi - 

मुंशी प्रेमचंद जी का जन्म वाराणसी जिले के लमही नामक ग्राम  में 31 जुलाई,सन 1880 में हुआ था .इनके पिता का नाम अजायब राय और इनकी माता का नाम आनंदी देवी था . इनके बचपन का नाम धनपत राय था.

जब इनके पिता की म्रत्यु हुई, तब इनकी आयु बहुत कम थी ,जिसके कारण इन्हें बचपन से ही कठोर संघर्ष करना पड़ा. कक्षा-10 की परीक्षा पास करने के बाद इन्होने अध्यापन कार्य प्रारम्भ किया .



इन्होने बड़े परिश्रम और साहस  के साथ प्रवेश  परीक्षा पास कर इंटर की पढाई शुरू क,. परन्तु परीक्षा में फेल हो जाने के कारण पढाई छोड़ दी. इनका विवाह विधार्थी जीवन में ही हो गया था, परन्तु परस्पर सामंजस्य न होने के कारण इन्होने शिवरानी देवी से दूसरा विवाह किया. विपरीत परिस्थितियो में भी इन्होने अपने साहस से अपनी शिक्षा निरंतर जारी रखी. शिक्षण कार्य करते हुए इन्होने बी ए की परिक्षा पास की और शिक्षा विभाग में सब -डिप्टी इंस्पेक्टर नियुक्त किये गए .महात्मा गाँधी जी के असहयोग आन्दोलन से परभावित होकर इन्होने नोकरी से त्याग -पत्र दे दीया. 


कुछ समय तक कष्टपूर्ण जीवन व्यतीत करने के बाद सन् 1931 में ये कानपुरके मारवाड़ी विधालय में पुनः अध्यापक नियुक्त हुए तथा बाद में इसी विधालय में प्रधानाध्यापक भी नियुक्त किये गए. तत्पश्चात वैचारिक मतभेद के कारण इन्होने नोकरी से त्याग पत्र दे दिया. इन्होने काशी विधापीठ में भी अध्यापन कार्य किया. अपना साहित्यिक जीवन प्रारंभ करने पर इन्होने मर्यादा पत्रिका का संपादन किया. तत्पश्चात इन्होने माधुरी, हंस तथा जागरण आदि पत्रिका पत्रों का संपादन और प्रकाशन भी किया. 


इस कार्य ने इन्हें आर्थिक संकट में डाल दिया, जिससे उबरने के लिए इन्होने बंबई (मुंबई) में फिल्म निर्माण कंपनी में नोकरी की. वहाँ भी इनका मन नहीं लगा, तो ये वापस कशी लोट आये ओर अपने गाँव में रहते हुए निरंतर साहित्य सेवा में लगे रहे. निरंतर आभाव में रहने के कारण ये लम्बी बीमारी से ग्रस्त हो गए. 8 अक्टूबर, सन 1936 में कठोर जीवन संघर्ष और धनाभाव से जुझते हुए हिंदी साहित्याकाश का यह चमचमाता सितारा पंचतत्व में विलीन हो गया.


साहित्यिक परिचय -

मुंशी प्रेमचंद आरंभ से ही बहुमुखी प्रतिभा संपन थे. सुरु में ये उर्दू में नवाब राय के  नाम से उपन्याश और कहानिया लिखते थे. इनके उर्दू में कुछ राजनेतिक कहानिया धनपत राय के नाम से प्रकाशित हुई थी. सन 1915  दिवेदी युग के प्रवर्तक आचार्य महावीर प्रसाद दिवेदी के प्रेरणा से इन्होने प्रेमचंद नाम धारण कर हिंदी साहित्य जगत में प्रवेश किया. इन्हें कलम का सिफ़ाई और उपन्यास सम्राट की उपाधी दे गयी.


कृतियाँ -


इनकी प्रमुख कृतियाँ निम्न प्रकार है -

 कहानी संग्रह - सप्त्सरोज ,नवनिधि ,प्रेम-प्रसून ,प्रेमपचीसी ,मानसरोवर (दस भाग) ,ग्राम्य जीवन की कहानियां ,कफ़न ,प्रेरणा ,कुत्ते की कहानी ,प्रेम चथुर्थी ,समर-यात्रा ,मन मोदक ,अग्नि समाधी ,प्रेमगंगा ,सप्त्सुमन आदी प्रमुख है.



उपन्यास - सेवासदन ,गोदान ,क्रमभूमि ,गबन ,निर्मला ,रंगभूमि ,प्रेमाश्रम ,वरदान ,प्रतिज्ञा तथा कायाकल्प ,मंगलसूत्र (अपूर्ण कृती) आदी.




निम्बंध - कुछ विचार और साहित्य का उद्देश्य आदी.



नाटक - संग्राम ,प्रेम की वेदी ,रूठी रानी तथा कर्बला आदी.


संपादन - माधुरी ,हंश ,जागरण ,मर्यादा आदी.


सम्पादित रचनाएँ - गल्परतन तथा गल्पसमुच्चय आदी.


अनुदित रचनाएँ - सुखदास ,अहंकार ,आजाद -कथा ,चांदी की डिबिया ,टाॅलस्टाय की कहानियां तथा श्रष्टि का आरम्भ आदी.



जीवनी और बालोपयोगी रचनाएँ - कलमतलवारकात्याग ,दुर्गादास ,महात्मा शेखसादी ,रामचर्चा इत्यादि.


भाषा -

मुंशी प्रेमचंद की भाषा सहज ,प्रवाहपूर्ण ,मुहावरेदार और प्रभावशाली है. इनकी भाषा में अदभुत व्यंजन-शक्ति विधमान है. इनकी भाषा में संस्कृत के तत्सम शब्दों की प्रधानता है, तो कही-कही उर्दू ,फ़ारसी और अंग्रेज़ी शब्दों का यथास्थान प्रयोग है.
 

शैली - 

विवेचनात्मक शैली , हास्य-व्यंग्य प्रधान शैली , भावात्मक शैली , वर्णात्मक शैली , मनोवैज्ञानिक शैली .



आशा करते है हमारे द्वरा दी गयी " मुंशी प्रेमचंद का जीवन परिचय , Munshi Premchand Biography In Hindi " की जानकारी आपको  अच्छी लगी होगी . इस   विषय से जुड़ा कोई भी प्रश्न पूछने के लिए कमेंट करे .और इस पोस्ट को हो सके तो शेयर जरूर करे .
मुंशी प्रेमचंद का जीवन परिचय , Munshi Premchand Biography In Hindi - मुंशी प्रेमचंद का जीवन परिचय , Munshi Premchand Biography In Hindi - Reviewed by Soniya on October 16, 2019 Rating: 5

MI Fitness Band - MI Band 4 | एम् आई बैंड 4 क्या है | एम् आई बैंड 4 कैसे काम करता है - Buy MI Band 4 Online at Rs 2299 Only -

October 11, 2019

MI Fitness Band 4 क्या है :

एम् आई बैंड (MI fitness Band) एक प्रकार का फिटनेस ट्रैकिंग उपकरण है जिसे हाथ में बांधा जाता है . एम् आई बैंड फिजिकल एक्टिविटी (Physical Activity) को ट्रैक ( Track ) करने के लिए खास तौर से बनाया गया है . इससे यूजर को अपनी फिजिकल एक्टिविटी जैसे की वाक् (Walk) या जॉगिंग (Jogging) करते हुई  खर्च हुई उर्जा ( कितनी  कैलोरी बर्न हुई ) का पता चलता है यह  इसको काउंट करता है . यह यूजर को ज्यादा देर तक फ्री बैठे रहने पर भी अलर्ट देता है . पानी पीने से लेकर सोने को लेकर यूजर को अलर्ट करता है की आपको कब पानी पीना है , कब सोना है , कब चलना  है .

Xioami द्वारा हल ही में MI फिटनेस बैंड का लेटेस्ट वर्शन MI Band 4 लौंच किया गया है . MI Band 4  कई नई खाशियत है जो इसे MI  बैंड 3 से बेहतर बनाती है . यदि हम बात करे MI बैंड 3 की तो इसमें Step Tracking , Heart Rate Monitor , Sleep Tracking , Calling Notification बहुत सारी सुविधाएँ दी गयी थी . MI बैंड 4 में इन सब सुविधाओ के साथ साथ कई सारी नई सुविधाएँ भी डी गयी है जैसे इसमें कुछ नए फंक्शन ऐड किये गए है जैसे - स्विमिंग ट्रैकिंग , म्यूजिक कण्ट्रोल आदि बहुत सारे फंक्शन दिए गए है .

कैसे काम करता है MI Band  4 :



एम् आई बैंड 4 (MI Band 4) को स्मार्ट वाच (Smart Watch) के आधार पर डिजाईन किया गया है हालाँकि इसमें ज्यादा बड़ी डिस्प्ले नही दी गयी है और ना ही इसमें कालिंग फीचर दिया गया है इसे खास तौर पर फिजिकल एक्टिविटी ट्रैक करने के लिए बनाया गया है .

MI Band 4 में MI Band 3 की अपेक्षा काफी बड़ी कलर  डिस्प्ले दी गयी है . एम् आई बैंड को यूजर को घडी की तरह अपने हाथ की कलाई में बांधना होता है . इसमें लिथियम आयन बैटरी दी गयी है जिससे इसे पॉवर मिलती है . कनेक्टिविटी के लिए ब्लूटूथ दिया गया है .MI बैंड MI फिटनेस एप्प पर कार्य करता है . यूजर को अपने एंड्राइड फ़ोन या आई फ़ोन पर MI Fitness App को डाउनलोड करना होता है . MI फिटनेस एप्प पर अपना अकाउंट बनाकर इसे MI बैंड से ब्लूटूथ के द्वारा कनेक्ट किया जाता है .

Mi Band को MI Fitness App से कनेक्ट करने के बाद यूजर अपना फिजिकल एक्टिविटी का सारा डेटा अपने स्मार्टफोन पर देख सकता है .

MI Band 4 Function & Specification :

  • इसमें Bluetooth 5.0 वर्सन दिया गया है.
  • डिस्प्ले की बात करे तो MI बैंड 4 में 2.41 cm, 120 x 240 pixels, Touch Display दी गयी है.
  • MI बैंड 4 Water Resistant है , आप लगातार इसे 50 मिनट तक पानी में रख सकते है.
  • ये Scratch Resistant है यानी इसपर स्क्रैच नही पड़ते है.
  • इसमें Heart Rate Monitor, Calorie Count, Sleep Monitor , Swimming Tracking , Music and Volume Control के फंक्शन दिए गए है.
  • Step Count, Pedometer का भी फंक्शन अवेलेबल है.
  • AMOLED Display दी गयी है.
  • Android v4.4, iOS 9.0 को सपोर्ट करता है.
  • इसमें कलर व MI Band 3 से बड़ी डिस्प्ले दी गयी है.

How To Buy MI Fitness Band 4 Online / MI फिटनेस बैंड 4 ऑनलाइन कैसे खरीदे -

MI Band 4 Xioami की ऑफिसियल वेबसाइट https://www.mi.com से आप इसे  2299 रूपये में ऑनलाइन खरीद सकते है . इसे खरीदे के लिए इस लिंक पर जाये - https://store.mi.com/in/buy/product/mi-smart-band-4 .


MI Fitness Band - MI Band 4 | एम् आई बैंड 4 क्या है | एम् आई बैंड 4 कैसे काम करता है - Buy MI Band 4 Online at Rs 2299 Only - MI Fitness Band - MI Band 4 | एम् आई बैंड 4 क्या है | एम् आई बैंड  4 कैसे काम करता है - Buy MI Band 4 Online at Rs 2299 Only - Reviewed by Virendra Singh on October 11, 2019 Rating: 5

ब्लॉग क्या होता है | ब्लॉग से पैसे कैसे कमाये | What Is Blog In Hindi | How To Make Money With Blog In Hindi-

October 04, 2019
हेलो दोस्तों आपने ऑनलाइन पैसा कमाने के बारे में तो सुना ही होगा , वैसे तो ऑनलाइन पैसा कमाने के बहुत सारे तरीके है जिनमे से सबसे ज्यादा पोपुलर तरीका है ब्लॉग बनाकर ब्लॉग से पैसा कमाना . आज इस पोस्ट में हम आपको बताने वाले है ब्लॉग के बारे में - जैसे ब्लॉग क्या होता है , ब्लॉग किसे कहते है , आप ब्लॉग कैसे बना सकते है और आप ब्लॉग से पैसा कैसे कमा सकते है . सबसे पहले जानते है ब्लॉग के बारे में कुछ बेसिक बात .

ब्लॉग क्या होता है | ब्लॉग से पैसे कैसे कमाये | What Is Blog In Hindi | How To Make Money With Blog In Hindi-

ब्लॉग क्या है ? 

आसान भाषा में कहा जाये तो ब्लॉग एक ऑनलाइन डायरी की तरह होता है जिस पर कोई व्यक्ति किसी भी विषय से जुडी जानकारिया नियमित रूप से पब्लिश यानि लिखता है . इस जानकारी को इन्टरनेट पर पूरी दुनिया में कहीं भी आसानी से पढ़ा (एक्सेस) जा सकता है .

 दुसरे शब्दों में ब्लॉग एक वेबसाइट की तरह होता है लेकिन इसका इस्तेमाल लोग अपने निजी विचारों को लोगों तक पहुचाने के लिए करते है. ब्लॉग का एक ऑनलाइन ऑनलाइन एड्रेस होता है जिसे डोमेन के नाम से जाना जाता है . इस एड्रेस की सहायता से ही ब्लॉग को कहीं पर भी देखा जा सकता है .

यदि वेबसाइट और  ब्लॉग की तुलना की जाए तो ब्लॉग का आकार वेबसाइट से बहुत ही छोटा होता है, यानी इसे समझने की कोई मुश्किल नहीं होती .

आप ब्लॉग पर किसी भी टॉपिक के ऊपर लिख सकते है और लोगो के साथ अपने ज्ञान को बाँट सकते है उदहारण के लिए जैसे - शिक्षा , स्वास्थ्य , फैशन , आर्ट्स , फ़ूड , जॉब्स आदि.

ब्लॉग और वेबसाइट में क्या अंतर होता है ?

वैसे तो ब्लॉग और वेबसाइट एक जैसे ही होते है . लेकिन कुछ ऐसी विशेषताए होती है जो की ब्लॉग और वेबसाइट में अंतर स्पस्ट करती है .
  • वेबसाइट किसी कंपनी या ब्रांड के प्रचार के लिए बनाई जाती है .
  • ब्लॉग अपनी जानकारी लोगो के साथ ऑनलाइन शेयर करने के लिए बनाये जाते है .
  • वेबसाइट नियमित रूप से अपडेट नही होती जबकि ब्लॉग नियमित रूप से अपडेट होता रहता है .
  • ब्लॉग पर पोस्ट डालने वाले को ब्लॉगर कहते है .
  • वेबसाइट पर कोई बदलाव या जानकारी लिखने वाले को एडमिन कहा जाता है .
  • वेबसाइट का साइज़ काफी बड़ा होता है जबकि ब्लॉग अपेक्षाकृत छोटा होता है .

ब्लॉग कैसे बनाये / How To Create Blog In Hindi -

वैसे तो ब्लॉग बनाने के बहुत सारे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जहाँ पर आप ब्लॉग बना सकते है जिनमे से कुछ फ्री है जबकि कुछ के लिए आपको पैसे खर्च करने पड़ेंगें. उदहारण के लिए आप blogger.com , wordpress.com , joomla , weebly आदि पर अपना ब्लॉग बना सकते है .

हालाँकि सबसे ज्यादा पोपुलर प्लेटफोर्म blogger.com और wordpress.com है. यदि आप wordpress.com पर आपना ब्लॉग बनाना चाहते है तो आपको होस्टिंग और डोमेन खरीदने पड़ेंगे किसके लिए आपको 7 से 10 हजार रूपये खर्च करने पढ़ सकते है . 

और यदि आपके पास खर्च करने के लिए पैसा नही है तो आप blogger.com से शुरू कर सकते है . ब्लॉगर पर आपको होस्टिंग खरीदने के आवश्यकता नही पड़ती सिर्फ डोमेन खरीदकर आप यहाँ पर लगा सकते है . यदि आप डोमेन्स भी नही खरीदना चाहते तो आप blogger के फ्री डोमेन से भी काम चला सकते है .

blogger.com पर फ्री में ब्लॉग बनाने के लिए आप हमारा यह आर्टिकल भी पढ़ सकते है - ब्लॉगर पर ब्लॉग कैसे बनाये.

ब्लॉग से ऑनलाइन पैसा कैसे कमाये / How To Make Money With Blog in Hindi -

आप अपने ब्लॉग पर विज्ञापन (ऐड) लगाकार पैसा कमा सकते है . ऐसे बहुत से ऐड नेटवर्क है जहाँ से आप अपने ब्लॉग पर ऐड लगा सकते है . इसके लिए आपको अपनी साईट या ब्लॉग पर ऐड नेटवर्क से अप्रूवल लेना पड़ता है . प्रत्येक ऐड नेटवर्क के अपने नियम एवं शर्ते होती है . यदि आपका ब्लॉग इन सभी नियम एवं शर्तो को पूरा करता है तो आपको ऐड लागने के लिए अप्रूवल दे दिया जाता है .

कुछ प्रमुख ऐड नेटवर्क है जैसे Google Adsense , Media.Net , Infolinks , Chitika , adzebra , आदि.
इनमे सबसे ज्यादा पोपुलर Google Adsense है. यह सबसे ज्यादा विश्वसनीय ऐड नेटवर्क है . यह समय पर पब्लिशर को पैसा भेजता है . इसका CPC यानि Cost Per Click सबसे ज्यादा होता है अन्य ऐड नेटवर्क की अपेक्षा.
आप बात करते है पैसा कैसे मिलता है - जब भी कोई विजिटर आपकी साईट पर लगे ऐड को क्लिक करता है तो आपको प्रति क्लिक के हिसाब से पैसे मिलते है . 

अलग अलग टॉपिक के ऊपर बने ब्लॉग के लिए ऐड का रेट अलग - अलग होता है . जैसे एजुकेशन ब्लॉग पर आपको टेक ब्लॉग की अपेक्षा कम पैसा मिलता है . जबकि हेल्थ , इन्सुरेंस आदि टॉपिक वाले ब्लॉग पर आपको ऐड क्लिक के पैसे ज्यादा मिलते है .

आशा करता हु आपको इस पोस्ट में दी गयी "ब्लॉग क्या होता है | ब्लॉग से पैसे कैसे कमाये | What Is Blog In Hindi | How To Make Money With Blog In Hindi" जानकारी पसंद आई होगी . यदि आपको Google Adsense अकाउंट बनाने  में कोई परेशानी हो रही है हमें comment करके बताये हम आपकी सहायता करेंगे .

ब्लॉग क्या होता है | ब्लॉग से पैसे कैसे कमाये | What Is Blog In Hindi | How To Make Money With Blog In Hindi- ब्लॉग क्या होता है | ब्लॉग से पैसे कैसे कमाये | What Is Blog In Hindi | How To Make Money With Blog In Hindi- Reviewed by Virendra Singh on October 04, 2019 Rating: 5

Hindi Sad Shayari Collection | Hindi Quotes

September 09, 2019

Hindi Quotes , Hindi Shayari - Sad Shayari Collection In Hindi -


हम ना बदलेंगे वक्त की रफ़्तार के साथ ,
जब भी मिलेंगे अंदाज वही पुराना होगा .

 जिसके नसीब में हो सिर्फ जमाने की ठोकरे ,
उस बदनसीब से ना सहारे की बात कर .

पलट कर  ना बोलने का मतलब यह बिल्कुल भी नहीं की जवाब नही मेरे पास ..
मगर कई बार रिश्ते को जिताने के लिए खुद का खामोश रहकर हार जाना बेहतर होता है ..

Best Hindi Shayari Collection / Shayari In Hindi -

  • सोच कर ये मंदिर मस्जिद भी दंग है, हमें पता भी नहीं और हमारी जंग है.
  • तेरा घमंड तुझे ही हराए गा, में क्या हूं ये तुझे वक़्त बताएगा.
  • “ना जाने इतनी मुहब्बत कहां से आई है उसके लिये, कि मेरा दिल भी उसकी खातिर मुझसे रूठ जाता है”.
  • “दिल में प्यार का आगाज हुआ करता है,बातें करने का अंदाज हुआ करता है,जब तक दिल को ठोकर नहीं लगती, सबको अपने प्यार पर नाज हुआ करता है!”.
  • “जब मैने उनसे कहा कि तुम पर प्यार आता है, तो वो मुस्करा कर बोली तुम्हे और आता ही क्या है”.


        Hindi Sad Shayari Collection | Hindi Quotes Hindi Sad Shayari Collection | Hindi Quotes Reviewed by Virendra Singh on September 09, 2019 Rating: 5

        How To Check Jio Balance In Hindi | JIO का बैलेंस कैसे चेक करे -

        July 28, 2019
        स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग www.upyogijankari.com पर यहाँ पर हम विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों से सम्बंधित उपयोगी जानकारियाँ आप लोगो के साथ साझा करते है . आज इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको बताने वाले है कैसे आप अपने JIO नंबर का बैलेंस चेक कर सकते है .
        How To Check Jio Balance In Hindi | JIO का बैलेंस कैसे चेक करे -

        JIO नंबर का बैलेंस कैसे चेक करे -

        वैसे तो JIO नंबर का बैलेंस चेक करने के कई तरीके है . जैसे - 
        • My JIO  App
        • Give Miss Call on 1299.
        • Call on 199.
        यहाँ पर हम इन सभी तरीको के बारे में आपको बतायेंगे कैसे आप इनसे अपने जिओ नंबर का बैलेंस चेक कर सकते है .

        My Jio App से अपने JIO नंबर का बैलेंस कैसे चेक करे - My Jio App को आप प्ले स्टोर से  डाउनलोड कर सकते है . डाउनलोड करने के  बाद  आपको अपने नंबर की सहायता से App पर अपना अकाउंट बनाना होगा . अकाउंट बनाने के बाद आपको App पर कई सारे आप्शन मिल जाते है जैसे - Account Details : जिसमे आप  अपने नंबर पर एक्टिव प्लान की वैलिडिटी , एक्सपायरी डेट , डाटा बैलेंस , SMS बैलेंस आदि चेक कर 
        सकते है .
        इसके आलावा यहाँ पर आपको कई अन्य आप्शन जैसे - ऑनलाइन रिचार्ज , कूपन आदि की भी सुविधा मिलती है .

        1299 नंबर से अपने JIO नंबर का बैलेंस कैसे चेक करे - अपने मोबाइल फ़ोन से 1299 डायल करके भी आप अपने JIO नंबर का बैलेंस चेक कर सकते है . बस आपको अपने JIO नंबर से 1299 डायल करना है . 
        How To Check Jio Balance In Hindi | JIO का बैलेंस कैसे चेक करे -


        डायल करते ही आपकी काल डिसकनेक्ट हो जाएगी . काल डिसकनेक्ट होने के बाद आपको अपने मोबाइल पर एक SMS प्राप्त होगा जिसमे आपके मोबाइल नंबर एक्टिव प्लान की जानकारी जैसे - वैलिडिटी , एक्सपायरी डेट , डाटा बैलेंस , SMS बैलेंस आदि की जानकारी मिल जाएगी .

        How To Check Jio Balance In Hindi | JIO का बैलेंस कैसे चेक करे -
        इस तरह आप 1299 डायल करके अपने JIO नंबर की Account Details Check कर सकते है .

        199 पर कॉल / SMS करके अपना JIO नंबर का बैलेंस कैसे पता करे - 199 पर काल करके भी आप अपने जिओ नंबर की  अकाउंट डिटेल्स चेक कर सकते है . इसके अलावा आप 199 पर SMS करके भी अपना 
        बैलेंस चेक कर सकते है . इसके लिए आपको बस टाइप करता है - BAL और इसे अपने JIO नंबर से 199 पर Send करना है . इसके बाद आपके मोबाइल पर JIO की तरफ से एक SMS प्राप्त होगा जिससे आपको आपके नंबर से जुडी सभी डिटेल्स जैसे डाटा बैलेंस , प्लान डिटेल्स , एक्सपायरी डेट , SMS बैलेंस की जानकारी मिल जाएगी .

        आशा करते है इस पोस्ट में दी गयी जानकारी "How To Check Jio Balance In Hindi | JIO का बैलेंस कैसे चेक करे" उपयोगी सिद्ध हुई होगी . यदि आपको अपने JIO Number पर बैलेंस चेक करने में परेशानी हो रही है तो आप हमें कमेंट के माध्यम से अपना सवाल पूछ सकते है . हम आपकी सहायता अवश्य करेंगें.

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        थॉमस अल्वा एडिसन का जीवन परिचय एवं अनमोल विचार , Thomas Alva Edison Biography and Quotes In Hindi

        June 23, 2019
        थॉमस एल्वा एडिसन को आज एक महान वैज्ञानिक के रूप में पुरे विश्व में जाना जाता है . एडिसन  का नाम लिए बैगेर मानो साइंस ही अधूरी लगती है . एडिसन का साइंस के क्षेत्र में बड़ा योगदान है . ये एक महान अमरीकी आविष्कारक एवं व्यवसायी थे .

        Thomas Alva Edison Biography In Hindi -


        महान् आविष्कारक थामस ऐल्वा एडिसन का जन्म ओहायो राज्य के मिलैन नगर में 11 फ़रवरी 1847 ई. को हुआ था. एडिसन बचपन से पढने में तेज और कुशाग्र बुद्धि के थे . इन्होने छह वर्षो तक घर में रह कर ही शिक्षा प्राप्त की इनकी माता ने इनको पढ़ाया . इन्होने केवल 3 महीने स्कूल में शिक्षा ग्रहण की फिर भी एडिसन ने ह्यूम, सीअर, बर्टन, तथा गिबन के महान ग्रंथों एवं डिक्शनरी ऑव साइंसेज़ का अध्ययन 10वें जन्मदिवस तक पूर्ण कर लिया था.

        एडिसन का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था . मात्र 12 वर्ष की आयु में उन्होंने फल बेचने एवं समाचार पत्र बाँटने का काम शुरू करके अपने परिवार के लिए आर्थिक सहयोग करने लगे . वे रेल में पत्र छापते और वैज्ञानिक प्रयोग करते थे  . उन्होंने तार प्रेषण में निपुणता प्राप्त कर 20 वर्ष की आयु तक, एडिसन ने तार कर्मचारी के रूप में नौकरी करने लेगे . नौकरी  से बचे समय को एडिसन ने प्रयोग और परीक्षण में लगाया.

        एडिसन ने 14 कंपनियों की स्थापना की जिनमे जनरल इलेक्ट्रिक भी एक है, जनरल इलेक्ट्रिक आज  दुनिया की सबसे बड़ी व्यापर करने वाली कंपनी के नाम से जानी जाती है. थॉमस अल्वा एडिसन एक अमेरिकी अविष्कारक और व्यापारी के रूप में जाना जाता है . उन्होंने अनेक यंत्र एवम युक्तिया विकसित की जिनसे संसार भर में लोगो के जीवन में भारी बदलाव लाने का कार्य किया है . विद्युत् बल्ब तथा फोनोग्राफ सहित इन्होने हजारो आविष्कार किये .  उन्हें पहली औद्योगिक अनुसंधान प्रयोगशाला स्थापित करने का श्रेय भी दिया जाता है.

        एडिसन के प्रमुख पेटेंट एवं आविष्कार -


        • 1869 ई. में एडिसन ने अपने सर्वप्रथम आविष्कार "विद्युत मतदानगणक" को पेटेंट कराया था.
        • एडिसन ने एक ही तार पर चार, छह, संदेश अलग अलग भेजने की विधि खोजी, स्टॉक एक्सचेंज के लिए तार छापने की स्वचालित मशीन को सुधारा, तथा बेल टेलीफोन यंत्र का विकास किया.
        • 1883 ई. में "एडिसन प्रभाव" की खोज की, जो कालांतर में वर्तमान रेडियो वाल्व का जन्मदाता सिद्ध हुआ.
        • 21 अक्टूबर 1879 ई. को एडिसन ने 40 घंटे से अधिक समय तक बिजली से जलनेवाला निर्वात बल्ब विश्व को भेंट किया.

        • प्रथम विश्वयुद्ध में एडिसन ने जलसेना सलाहकार बोर्ड का अध्यक्ष बनकर 40 युद्धोपयोगी आविष्कार किए.
        • एडिसन में US के 1093 पेटेंट्स कराये इसके अलावा यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और जर्मनी में भी उनके कई सारे पेटेंट्स है.
        18 अक्टूबर 1931 ई० को इस महा मानव ने इस संसार से विदा ले ली . थॉमस अल्वा एडिसन को इनके महान अविष्कारों के लिए जो उन्होंने अथक परिश्रम और कड़ी मेहनत के द्वारा मानव जाती की भलाई के लिए समर्पित किये . इसके लिए उन्हें हमेशा पुरे विश्व में याद रखा जायेगा.

        Thomas Alva Edison Quotes In Hindi , थॉमस एल्व एडिसन के अनमोल विचार -


        1. "जीवन में असफल हुए कई लोग वे होते है जिन्हें इस बात का आभास नही होता की , जब उन्होंने हार मान ली तो वे सफलता के कितने करीब थे ."  - थॉमस अल्वा एडिसन.

        2. " में असफल नही हुआ हु मैंने सिर्फ 1000 हजार ऐसे तरीके खोजे है जो काम नही करते है " - Thomas Elva Edison.

        3. "कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नही है " - थॉमस अल्वा एडिसन.

        4. "यदि हम हर वो चीज कर दें जिसके हम सक्षम हैं, तो सचमुच हम खुद को चकित कर देंगे". - थॉमस अल्वा एडिसन.
                                                                     
        5. "मैंने अपने जीवन में एक भी दिन काम नहीं किया. ये सब मनोरंजन था.   - थॉमस अल्वा एडिसन.
                                                                   
        6. "मुझे इस तथ्य पर गर्व है कि मैंने कभी भी हत्या करने के लिए हथियारों का आविष्कार नहीं किया. - थॉमस अल्वा एडिसन.
                                                                   
        7. "मैं वहां से शुरू करता हूँ जहाँ से आखिरी व्यक्ति ने छोड़ा था".  - थॉमस अल्वा एडिसन.

        8. "एक शानदार आईडिया चाहते हो तो ढेर सारे आइडियाज सोचो." - थॉमस अल्वा एडिसन.

        9. "एक विचार विकसित करने वाला लगभग हर आदमी उस बिंदु तक काम करता है जहां यह असंभव दिखता है, और फिर वह निराश हो जाता है। वह निराश होने की जगह नहीं है.   - थॉमस अल्वा एडिसन.

        10. "प्रकृति वास्तव में अद्भुत है. केवल इंसान वास्तव में बेईमान है." - थॉमस अल्वा एडिसन.


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        1 दिन में हमें कितनी कैलोरी लेनी चाहिए | वजन कम करने एवं बढ़ाने के लिए कितनी कैलोरी ले -

        June 22, 2019
        हमारे शरीर को विभिन्न प्रकार की गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए उर्जा की आवश्यकता पड़ती है जो हमें भोजन से मिलती है . उर्जा को कैलोरी में मापा जाता है . इसलिए हम कैलोरी की बात करते है की हमें प्रतिदिन कितनी कैलोरी की जरूरत पड़ती है .

        1 दिन में हमें कितनी कैलोरी लेनी चाहिए | वजन कम  करने एवं बढ़ाने  के लिए कितनी कैलोरी ले -


        कैलोरी की जरूरत विभिन्न कारको जैसे -
        • Weight (वजन) ,
        • Age (उम्र) , 
        • Activity Level ( सक्रियता स्तर ) . 
        • Gender (लिंग) 

        पर निर्भर करती है . हर व्यक्ति के लिए कैलोरी की जरूरत अलग - अलग होती है . जिस व्यक्ति का वजन अधिक होगा उसे ज्यादा कैलोरी की आवश्यकता पड़ती है . वही दूसरी तरफ एक्टिविटी लेवल का भी पैमाना होता है जो लोग हार्ड वर्क यानि  (Physical Work) ज्यादा करते है उन्हें अधिक कैलोरी की आवश्यकता होती है उन लोगो की अपेक्षा जो सामान्यता हल्का फुल्का काम करते है .

        कैलोरी की आवश्यकता आयु एवं लिंग पर भी निर्भर करती है . बच्चो एवं किशोर अवस्था में अधिक कैलोरी की जरूरत होती है जबकि वृधावस्था में कम कैलोरी की आवश्यकता होती है . वहीँ महिलाओ की अपेक्षा पुरुषो को ज्यादा कैलोरी की जरूरत पड़ती है .

        1 दिन में हमें कितनी कैलोरी लेनी चाहिए -

        वैसे तो कैलोरी की मात्रा - वजन , लिंग , आयु , सक्रियता स्तर पर निर्भर करती है लेकिन एक स्वस्थ पुरुष जिसकी आयु 18 से 35 के बीच हो और वजन अधिकतम 60  Kg - 65 Kg तक हो और Activity Level हाई यानी जो Physical Work करता है उसे प्रतिदिन 2500 कैलोरी लेनी चाहिए. अगर Activity Level Low हो तो उसे प्रतिदिन 2000 कैलोरी लेनी चाहिए.

        एक स्वस्थ महिला जिसकी आयु 18 से 35 के बीच हो जिसका Activity Level High और वजन 60 Kg से 65 Kg हो उसे प्रतिदिन 2000 कैलोरी लेनी चाहिए . यदि Activity Level Low हो तो 1700 - 1800 कैलोरी  लेनी चाहिए. 

        आप BMR कैलकुलेटर की सहायता से भी अपनी कैलोरी की जरूरत का पता लगा सकते है . BMR यानि Basal Metabolic Rate - से आपकी आपकी Daily Calorie Requirement का पता लगाया जा सकता है . यह कैलकुलेटर आपके लम्बाई , वजन , आयु , लिंग के आधार पर कैलोरी की आवश्यकता की गणना करता है .

        वजन कम करने के लिए कितनी कैलोरी ले -

        How much calories should be consumed for weight loss - यदि आपका वजन सामान्य से ज्यादा है .और आप वजन कम करना चाहते है तो आपको प्रतिदिन के हिसाब से कैलोरी की कमी करनी होगी . आप 7000 कैलोरी बर्न ( कम ) करके 1 किलो वजन कम कर सकते है . यदि आप प्रति दिन 700 कैलोरी की कमी करते है  तो आप 10 दिन में 1 किलो वजन कम कर सकते है . व्यायाम और खाने में कटौती करके आप कैलोरी को कम कर सकते है . ध्यान दे यदि आपको वजन स्थिर रखने के लिए 2500 कैलोरी की आवश्यकता है तो आप 300 कैलोरी खाने में कम कर सकते है और 400 कैलोरी व्यायाम की सहायता से बर्न यानि घटा सकते इसप्रकार आप प्रतिदिन 700 या इससे अधिक कैलोरी की कमी कर सकते है . कैलोरी की गणना के लिए ध्यान रखे की आप जो भी खा रहे है उसमे कितनी कैलोरी है इसके लिए आप कैलोरी चार्ट की सहायता ले सकते है .

        Read Also - भारतीय भोजन कैलोरी चार्ट .


         वजन बढ़ाने के लिए कितनी कैलोरी ले -

         How much calories should be consumed for weight gain - यदि आपका वजन सामान्य से कम है और आपको वजन बढ़ाने की आवश्यकता है तो आपको ज्यादा कैलोरी की आवश्यकता होगी . ठीक उसी तरह जिस तरह वजन कम करने के लिए कैलोरी में कटौती करनी पड़ती यहाँ पर वजन बढ़ाने के लिए कैलोरी बढ़नी पड़ेगी. 1 किलो वजन बढ़ाने के लिए आपको 7000 कैलोरी अतिरिक्त लेनी पड़ेगी. यदि आप 10 दिन में 1 किलो वजन बढ़ाना चाहते है तो आपको 700 कैलोरी एक्स्ट्रा प्रतिदिन के हिसाब से अपने डाइट में ऐड करनी पड़ेगी. वजन बढ़ाने के चक्कर में अनहेल्दी फ़ूड ना खाए हेल्दी फ़ूड खाकर भी आप अपना वजन बढ़ा सकते है.

        कैलोरी से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ -
        Important Information Related to Calorie Consumption - आपके लिए यह जानना जरूरी है की प्रत्येक 1 ग्राम प्रोटीन एवं 1 ग्राम कार्बोहाइड्रेट्स से हमें 4 कैलोरी मिलती है . जबकि 1 ग्राम फैट से हमें 9 कैलोरी मिलती है . इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन के अनुसार वयस्क व्यक्ति को कार्बोहाइड्रेट से अपने दैनिक कैलोरी का 45 से 65 प्रतिशत तक  लेना चाहिए.

        इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन के अनुसार वयस्कों को प्रोटीन से अपनी ऊर्जा का 10 से 35 प्रतिशत सेवन करना चाहिए तथा वसा से अपने दैनिक कैलोरी का 20 से 35 प्रतिशत भाग ग्रहण करना चाहिये.

        यदि आपको हमारे  द्वारा दी गयी जानकारी "1 दिन में हमें कितनी कैलोरी लेनी चाहिए" हो तो इस पोस्ट  को शेयर जरूर करे . इस विषय से सम्बंधित कोई भी  प्रश्न पूछने के लिए हमें Comment करके बताएं.

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        कोलेस्ट्रोल क्या होता है | कोलेस्ट्रोल बढ़ने से होने वाले नुकसान एवं कोलेस्ट्रोल कम करने के प्राकृतिक उपाय -

        June 21, 2019
        कोलेस्ट्रोल क्या होता है ? -  कोलेस्ट्रोल एक प्रकार की वसा है जो हमारे लीवर (यकृत) में बनता है . यह मोम के जैसा होता है जो हमारे शरीर की विभिन्न गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक होता है .
        यह कोशिका झिल्ली का महत्वपूर्ण भाग होता है कोशिका झिल्ली को प्राग्म्यता एवं तरलता बनाये रखने के लिए कोलेस्ट्रोल की आवश्यकता होती है .

        कोलेस्ट्रोल क्या होता है  | कोलेस्ट्रोल बढ़ने से होने वाले नुकसान एवं कोलेस्ट्रोल कम करने के प्राकृतिक उपाय -


        कोलेस्ट्रोल रक्त प्लाज्मा द्वारा शरीर के विभिन्न हिस्सो में पहुंचता है . कोलेस्ट्रॉल शरीर में विटामिन डी, हार्मोन्स और पित्त का निर्माण करता है, जो शरीर के अंदर पाए जाने वाले वसा को पचाने में मदद करता है . 20 से 25  प्रतिशत कोलेस्ट्रोल  शरीर में यकृत द्वारा बनता है जबकि  भोजन में मांसाहारी आहार के माध्यम से भी पहुंचता है यानी अंडे, मांस, मछली और डेयरी उत्पाद इसके प्रमुख स्रोत हैं . अनाज, फल और सब्जियों में कोलेस्ट्रॉल नहीं पाया जाता.

        कोलेस्ट्रोल रक्त में घुलनशील नही होता है . शरीर में इसकी मात्रा यदि ज्यादा बढ़ जाए तो यह शरीर में रक्त के प्रवाह को कम कर देता है  जिससे  हमें कई बिमारी होने का खतरा भी बढ़ जाता है जैसे - उच्च रक्तचाप  (High Blood Pressure), हृदय आघात (Heart Attack) , जोड़ो में दर्द आदि .

        कोलेस्ट्रोल के प्रकार (Types of Cholesterol in Hindi) -

        कोलेस्ट्रोल 3 प्रकार का होता है -

        1. LDL (एल डी एल) - लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन (Low Density Lipoprotien ) या  निम्न घनत्व कोलेस्ट्रोल -  यह कोलेस्ट्रोल का एक प्रकार  है जो सबसे ज्यादा हानिकारक माना जाता है . इसका निमार्ण  हमारे शरीर में लीवर के द्वारा होता है यह वसा को  लीवर से शरीर अन्य भागो जैसे मांसपेशियों , उत्तको , इन्द्रियों तथा ह्रदय तक पहुंचता है . रक्त में LDL की मात्रा ज्यादा होने पर यह रक्त नलिकाओं में   जमने लगता  है जिससे  रक्त प्रवाह का मार्ग रूक जाता है और   रक्त प्रवाह की दर में कमी हो  सकती है कभी कभी LDL कोलेस्ट्रोल का लेवल ज्यादा होने पर यह रक्त  नालिकाओ के छिद्रों को पूर्णतया बंद कर देता है जिसके  
        कारण Heart Attack (हृदय अघात / दिल का दौरा) पड़ता है . रक्त में LDL का सामान्य स्तर 100 मिलीग्राम / डीएल से कम होना चाहिए.

        2. HDL (एच डी एल) - उच्च डेंसिटी लिपोप्रोटीन (High Density Lipoprotien) या उच्च घनत्व कोलेस्ट्रोल - यह कोलेस्ट्रोल का द्वित्य  प्रकार है जो की अच्छा कोलेस्ट्रोल मन जाता है . इसका निर्माण हमारे  शरीर के अन्दर लीवर में होता है .HDL कोलेस्ट्रॉल और पित्त को ऊतकों और इंद्रियों से रीसायकल करता है और वापस लीवर में पहुंच जाता है . HDL कोलेस्ट्रॉल की मात्रा का अधिक होना  अच्छा संकेत माना जाता  है, क्योंकि इससे हृदय के स्वस्थ होने का पता चलता है.

        उच्च घनत्व कोलेस्ट्रोल के उत्तम स्रोत है  - मछली का तेल, सोयाबीन उत्पाद, एवं हरी पत्तेदार सब्ज़ियां  इनके लगातार सेवन से हम HDL लेवल बढ़ा सकते है . इसके अतिरिक्त व्यायाम करने से भी HDL लेवल बढाया जा सकता है जैसे   -  सप्ताह में पांच दिन, एवं प्रत्येक बार लगभग 30 मिनट के लिए ऐरोबिक व्यायाम (पैदल चलना, दौड़ना, सीढ़ी चढ़ना आदि) करें तो केवल दो महीनों में एचडीएल 5 प्रतिशत तक बढ़ा सकते हैं।

        HDL लेवल बढ़ाने के लिए अन्य उपाय जैसे - धूम्रपान कम या बंद करने भर से HDL 10 प्रतिशत तक बढ़ सकता है . वज़न कम करना भी अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने का अन्य सबसे अच्छा तरीका है.

        3. VLDL (वी एल डी एल) - वैरी लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन ( Very Low Density Lipoprotien ) या अत्यधिक निम्न घनत्व लिपोप्रोटीन यह कोलेस्ट्रोल का तीसरा प्रकार है जो सबसे ज्यादा हानिकारक कोलेस्ट्रोल माना जाता है . हार्ट अटैक (Heart Attack) एवं दिल की बीमारियों के लिए VLDL सबसे ज्यादा जिम्मेवार होता है .


        कोलेस्ट्रोल का सामान्य स्तर कितना होता है / Normal level Of Cholesterol in Body - 

        हमारे रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर 3.6 मिलिमोल्स प्रति लिटर से 7.8 मिलिमोल्स प्रति लीटर के बीच होता है. 6 मिलिमोल्स प्रति लीटर कोलेस्ट्रॉल को उच्च माना जाता है . 7.8 मिलिमोल्स प्रति लीटर से ज्यादा कोलेस्ट्रॉल को अत्यधिक उच्च कोलेस्ट्रॉल का स्तर माना जाता है .

        कोलेस्ट्रोल बढ़ने के कारण -

        यदि आपका कोलेस्ट्रोल लेवल बढ़ा हुआ है तो आपको कोलेस्ट्रोल बढ़ने के कारणों के बारे में भी जरूर जान लेना चाहिए - 

        • शरीर का वजन की अति वृद्धि - यदि आपका वजन आपके शरीर की लम्बाई के अनुपात में सही नहीं है तो आपका कोलेस्ट्रोल लेवल बढ़ सकता है . अपने शरीर का BMI इंडेक्स जरूर चेक करे .
        • अधिक मात्रा में वसा युक्त भोजन सेवन करने से भी कोलेस्ट्रोल लेवल बढ़ने की सम्भावना ज्यादा रहती है .
        • खानपान में लापरवाही के कारण भी कोलेस्ट्रोल लेवल बढ़ सकता है .
        • कोलेस्ट्रोल लेवल बढ़ने का सबसे बड़ा कारण नियमित रूप से  व्यायाम का अभाव है .
        • आनुवांशिक कारण -  अगर किसी परिवार के लोगों में अधिक कोलेस्ट्रॉल की समस्या होती है तो अगली पीढ़ी में भी इसकी मात्रा अधिक होने की आशंका रहती है.
        • उम्र बढ़ने के कारण - कई लोगों में शरीर में कोलेस्ट्रॉल उम्र के साथ भी बढ़ता  जाता है.

        कोलेस्ट्रोल लेवल कम करने के प्राकृतिक उपाय -

        यदि आपका कोलेस्ट्रोल लेवल बढ़ा हुआ है तो इन बातो पर ध्यान दे -
        • अगर आपका वजन समान्य से ज्यादा है तो सबसे पहले अपने वजन को नियंत्रित करे . अपना वजन कम करे .
        • भरपूर नींद ले . कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद ले.
        • फाइबर युक्त भोजन का सेवन करे . हरी सब्जिया एवं फलो का सेवन अधिक करे .
        • धुम्रपान से बचे . हो सके तो कम से कम करे .
        • नियमित रूप से व्यायाम करे .
        • ज्यादा चर्बी युक्त भोजन  का सेवन ना करे . 
        इस प्रकार से आप कोलेस्ट्रोल लेवल कम कर सकते है . यदि आपको हमारे  द्वरा दी गयी जानकारी "कोलेस्ट्रोल क्या होता है  , What Is Cholesterol in Hindi " हो तो इस पोस्ट  को शेयर जरूर करे . इस विषय से सम्बंधित कोई भी  प्रश्न पूछने के लिए हमें Comment करके बताएं.

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        उच्च रक्तचाप को नियंत्रित कैसे करे | हाई ब्लड प्रेसर (उच्च रक्तचाप) को नार्मल करने के प्राकृतिक उपाय - What Is High Blood Pressure in Hindi -

        June 19, 2019
        उच्च रक्त चाप यानी High Blood Pressure आज के समय में एक बड़ी समस्या बन चूका है . पहले यह समस्या उम्रदराज लोगो में ही अधिकतर देखने को मिलती थी लेकिन फ़िलहाल के Time में खराब जीवन शैली और खानपान , तनाव , व्यायाम ना करने के कारण बहुत से युवाओं में भी उच्च रक्त चाप ( High Blood Pressure ) की समस्या आम होती जा रही है .

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        आज इस पोस्ट के माध्यम से हां आपको बतायेंगे - उच्च रक्त चाप यानि  ( High Blood Pressure ) क्या होता है और इसके क्या लक्षण होते है , इससे हमारे स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है , उच्च रक्त चाप को कम कैसे किया जा सकता है व इस समस्या से कैसे बचा जा सकता है . इस समस्या से बचने के लिए हमें अपनी जीवन शैली में क्या क्या परिवर्तन करने चाहिए .

        उच्च रक्त चाप  ( What is High Blood Pressure in Hindi ) क्या होता है -

        उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) ऐसी  चिकित्सीय स्थिति है  जिसमें धमनियों में रक्त का दबाव बढ़ जाता है . दबाव की इस वृद्धि के कारण, रक्त की धमनियों में रक्त का प्रवाह बनाये रखने के लिये ह्रदय (Heart) को सामान्य से अधिक काम करना पड़ता है . यदि रक्त वाहिकाओं में दबाव अधिक होता है, तो हृदय को रक्त को पंप करने में ज्यादा काम करना पड़ता है. यदि इसे अनियंत्रित छोड़ दिया जाएं, तो उच्च रक्तचाप हृदयाघात (Heart Attack) , हृदय की मांसपेशियों में वृद्धि और हृदय विफलता उत्पन्न कर सकता है . 

        रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) में उच्च दबाव के कारण सूजन (धमनीविस्फार) और हल्के धब्बे विकसित हो सकते हैं, जिससे अवरोधक (क्लाग) और टूटन की संभावना अधिक होती है . रक्त वाहिकाओं में दबाव के कारण मस्तिष्क में रक्त का रिसाव भी हो सकता है। इसके कारण स्ट्रोक हो सकता है. 

        उच्च रक्तचाप के कारण गुर्दे की विफलता, अंधापन, रक्त वाहिकाओं का टूटना और संज्ञानात्मक हानि भी हो सकती है. रक्तचाप में दो माप शामिल होती हैं, सिस्टोलिक और डायस्टोलिक, जो इस बात पर निर्भर करती है कि हृदय की मांसपेशियों में संकुचन (सिस्टोल) हो रहा है या धड़कनों के बीच में तनाव मुक्तता (डायस्टोल) हो रही है। आराम के समय पर सामान्य रक्तचाप (Blood Pressure) 100-140 mmHg सिस्टोलिक (उच्चतम-रीडिंग) और 60-90 mmHg डायस्टोलिक (निचली-रीडिंग) की सीमा के भीतर होता है.  उच्च रक्तचाप तब उपस्थित होता है यदि यह 90/140 mmHg पर या इसके ऊपर लगातार बना रहता है .

        उच्च रक्तचाप के लक्षण (Symptoms of High Blood Pressure in Hindi) - 

        उच्च रक्त चाप की समस्या होने पर निम्न लक्षण दिखाई देते है -
        • कभी-कभी उच्च रक्तचाप के कारण सिरदर्द हो सकता है , 
        • सांस की तकलीफहो सकती है  , 
        • चक्कर आ सकते है  , 
        • सीने में दर्द का महसूस होना, 
        • हृदय की धड़कन बढ़ना और नाक बहना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं.

        यदि आपको ये लक्षण ज्यादा दिखाई दे तो इन लक्षणों को नजरअंदाज ना करे इनको नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है, तरुंत किसे अच्छे चिकित्सक से सलाह ले.

        उच्च रक्त चाप को कैसे कम किया जा सकता है व इससे कैसे बचा जा सकता है -

        अपने दैनिक जीवन शैली में बदलाव करे . खानपान एवं व्यायाम पर विशेष ध्यान दे जैसे - हरी सब्जिया एवं फल ज्यादा खाए , रेगुलर व्यायाम करे . नमक का सेवन कम करे . पैदल ज्यादा चले . तनाव कब ले तथा गुस्से पर काबू रखे . अच्छी नींद ले कम से कम 7 से आठ घंटे की नींद अवश्य ले .
        अपना BP रेगुलर बेस पर चेक करवाते रहे . BP बढ़ने / उच्च रक्त चाप की समस्या होने पर किसी अच्छे प्रशिक्षित चिकित्सक से मिले और और अपना उपचार करवाए . बताये गए गए बातो का अनुसरण करे . 

        उच्च रक्त चाप की  समस्या से बचने के लिए हमें अपनी जीवन शैली में क्या क्या परिवर्तन करने चाहिए -

        यह समस्या असयांमित खानपान और ख़राब जीवन शैली की वजह से ज्यादा होती है . इस समस्या से बचने के लिए सबसे जरूरी है हमें अपने लाइफ स्टाइल यानी जीवन शैली में बड़ा परिवर्तन करना .उच्च रक्त चाप की  समस्या से बचने के लिए क्या करे और क्या ना करे -
        • इस समस्या से बचने के लिए अपने जीवन में तनाव कम करे हमेशा तनाव मुक्त रहने की कोशिश करे .
        • सुबह जल्दी उठकर व्यायाम करे . सुबह शाम पैदल चले और रोजाना पैदल घुमने की आदत डाले.
        • रात को जल्दी सोने की कोशिश करे और सुबह जल्दी उठने की आदत डाले.
        • फ़ास्ट फ़ूड एवं तले भुने भोजन , मिर्च मसाले एवं खाने में नमक का सेवन कम करे .
        • खाने में लहसून , प्याज , सोयाबीन , साबुत अनाज , फल और हरी सब्जियों का  प्रयोग करे .
        •   चीनी, रिफाइंड खाद्य पदार्थ, तली-भुनी चीजें , डेयरी उत्पाद,और जंक फूड से हमेशा बचकर रहें ,  इनका सेवन आपके लिए बहुत ज्यादा हानिकारक है .
        • गुस्सा कम करे गुस्सा करने रक्त चाप ज्यादा हो जाता है इसलिए अपने गुस्से पर नियंत्रण करना सीखे नही तो इससे आपको ज्यादा नुकशान हो सकता है .
        • यदि आपका वजन ज्यादा है तो अपना वजन कम करे . इसके लिए अपना BMI लेवल चेक करे . BMI लेवल से आप जान सकते है की आपकी लम्बाई के हिसाब से आपका वजन सही है या नही . 
        • दिन में कम से कम 8 से 10 ग्लास पानी जरूर पिए व चाय व काफी का सेवन ना करे .
        आशा करता हु मेरे द्वारा दी गयी जानकारी " What is High Blood Pressure in Hindi " आपके लिए उपयोगी सिद्ध हुई होगी. हमें कमेंट करके बताये . हो सके तो इस पोस्ट को शेयर जरूर करे -

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        सुबह खाली पेट पानी पीने के फायदे जानकर हैरान रह जायेंगे आप - बस 1 ग्लास पानी आपकी लाइफ बदल देगा

        June 18, 2019
        ये बात तो सभी जानते है की पानी हमारे लिए फायदेमंद होता होता है . लेकिन क्या आप जानते है की यदि सही समय पर पानी पिया जाए तो हमारी बहुत सी  स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याए आसानी से ठीक हो सकती  . पानी ऐसा ऐसी चीज है जिसकी हमें सबसे ज्यादा जरूरत होती है . और हम हम दिन में कई बार पानी पीते है लेकिन बहुत कम लोग जानते है की सुबह खाली पेट पानी पीना कितना फायदेमंद है .

        सुबह खाली पेट पानी पीने के फायदे



        आज हम यहाँ पर सुबह खाली पेट पानी पिने से होने वाले बेशुमार फायदों के बारे में आपको बतायेंगें -

        सुबह खाली पेट पानी पीने के फायदे -



        पेट साफ़ एवं कब्ज की समस्या को करता है ख़त्म - 
        खाली पेट पानी पीने के वैसे तो  अनेको फायदे है लेकिन यदि आपको कब्ज की समस्या अक्सर परेशान करती है और आपका पेट साफ़ नही रहता है . तो सुबह खाली पेट पानी पीना से आपको चमत्कारिक लाभ मिलेगा . सुबह खाली पेट पानी पिने से आपको मल त्याग करने में आसानी होगी और बार बार सोच के लिए नही जाना पड़ेगा . इससे आपका पेट साफ़ रहेगा कब्ज की समस्या दूर होगी और पाचन तंत्र भी सही रहेगा.

        मोटापा घटाने में मिलेगी मदद - 
        यदि आप रोज  सुबह खाली खाली पेट गुनगुना पानी पीकर जॉगिंग , मॉर्निंग वाक के लिए जाते है तो आप सामान्य की अपेक्षा ज्यादा कैलोरी बर्न कर पाओगे और आप तेजी से वजन घटा सकते है .
        बेहतर पाचन तंत्र के लिए -
        हमें सुबह उठते ही सबसे पहले पानी के एक या दो ग्लास पीने चहिये जिससे हमारे मुह में बनने वाली लार पानी के साथ पेट में जाती है जो की हमारे पाचन तन्त्र के लिए  बहुत ही बढ़िया काम करती है . इससे पाचन शक्ति मजबूत होती है .

        सुबह खाली पेट पानी पीने के फायदे

        तव्चा के निखार  लिए -
        सुबह खाली पेट पानी पीने से बढती है सुन्दरता - पानी का सही मात्रा में सेवन करने से आपके चेहरे की सुन्दरता बढती है तथा तव्चा रोग दूर होकर इसमें निखार आता है .

        पेशाब से सम्बंधित समस्याओ से बचाव -
        रोज सुबह खाली पेट पानी पीने से मूत्र से सम्बंधित बीमारियों जैसे Urine Infection , पेशाब में जलन आदि समस्याओ से राहत मिलती है . 

        शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है -
        सुबह खाली पेट पानी पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है जिससे छोटी छोटी बीमारियों से बचा जा सकता है .

        यूरिक एसिड की समस्या से बचाव -
        हमारे शरीर में जब यूरिक एसिड ज्यादा मात्रा में बनने लगता है तो यह हमारे शरीर की हड्डियों के जोड़ो के बीच में एकत्रित होने लगता है . जिससे जोड़ो में दर्द और सुजन रहने लगती है . अधिक मात्रा में पानी पीने से यूरिक एसिड मूत्र के साथ बहार निकल जाता है जिससे  इस समस्या में फायदा मिलता है .

        बवासीर की समस्या में मिलता है फायदा -
        जिन लोगो को कब्ज की समस्या रहती है . और मल त्याग करने में समस्या होती है और मल के साथ खून आता है इस समस्या को बावासीर की समस्या कहते है . सुबह खाली पेट पानी गुनगुना पानी पिने से पेट में मल हल्का हो जाता है . इससे मल त्याग करने में परेशानी नही होती है . और बावासीर की समस्या में राहत मिलती है .

        बढती है रोग प्रतिरोधक क्षमता -
        सुबह खली पेट पानी पीने से  रात को सोते समय शरीर में  बनने वाले हानिकारक रसायन मूत्र के द्वारा शरीर से बहार निकाल जाते है . जिससे बहुत सारी छोटी मोटी बीमारियों से बचा जा सकता है .  

        आशा करता हु मेरे द्वारा दी गयी जानकारी "सुबह खाली पेट पानी पीने के फायदे" आपके लिए उपयोगी सिद्ध हुई होगी. हमें कमेंट करके बताये . हो सके तो इस पोस्ट को शेयर जरूर करे -

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        CCC Exam Full Details in Hindi | CCC Exam कैसे पास करे | Applicaton Form , Syllabus , Pattern , Result , Admit card

        June 17, 2019
        CCC Exam कैसे पास करे , CCC की तैयारी कैसे करे . CCC के के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करे , CCC Exam की  कितनी फीस लगती है , CCC का सिलेबस क्या है , CCC का सर्टिफिकेट क्यों जरूरी है एवं इसके क्या क्या फायदे है , CCC Exam का एडमिट कार्ड कैसे डाउनलोड किया जाता है , सीसीसी का रिजल्ट कैसे देखते है , सीसीसी का सर्टिफिकेट ऑनलाइन कैसे डाउनलोड करते है  आदि अन्य सवालों के जवाब आज हम यहाँ पर आप लोगो के साथ शेयर करने जा रहे .

        CCC-Exam-Full-Details-In-Hindi


        सभी सवालों के जवाब जानने के लिए कृपया इस पोस्ट को पूरा पढ़े -

        CCC  क्या है -

        यह एक बुनियादी कंप्यूटर कोर्स है जो NIELT (National Institute of Electronics & Information Technology) द्वारा संचालित है। इसकी परीक्षा हर महीने NIELT द्वारा ऑनलाइन आयोजित की जाती है. सफल अभ्यार्तियो को NIELT की तरफ से इसका सर्टिफिकेट दिया जाता है .इस कोर्स के तहत, कंप्यूटर के  बुनियादी नियम कंप्यूटर की महत्वपूर्ण जानकारी जैसे कंप्यूटर बेसिक हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, इंटरनेट बेसिक, वेब पेज देखना, टाइपिंग, डॉक्यूमेंट प्रिंटिंग, इंटरनेट के माध्यम से ईमेल भेजना शामिल हैं. एवं अन्य जानकारी जो कंप्यूटर द्वारा अन्य  कामो को करने के लिए आवश्यक हो. यह कोर्स कई राज्यों ने कुछ सरकारी नौकरियों के लिए भी अनिवार्य कर दिया है , ये राज्य निम्न है -

        • उत्तर प्रदेश 
        • गुजरात 
        • महारास्ट्र
        • अरुणाचल प्रदेश.

        CCC की फुल फॉर्म क्या है / CCC Full Form -

        CCC की फुल फॉर्म Course on Computer Concept है . सीसीसी का पूरा नाम कोर्स ओन कंप्यूटर कांसेप्ट (कंप्यूटर अवधारणाओ पर आधारित पाठ्यक्रम) है.

        NIELT CCC Course Eligibility Criteria / NIELT CCC कोर्स के लिए कम से कम योग्यता क्या है -


        NIELT ( राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान ) द्वारा संचालित CCC - ' कंप्यूटर अवधारणाओं पर पाठ्यक्रम (Course on Computer Concept)  ' कोर्स के  लिए कोई विशेष  शैक्षिक योग्यता निर्धारित नही की गई है .लेकिन CCC एग्जाम के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के  लिए आवेदक कम से कम 10 वी कक्षा पास (10th Class Pass) होना चाहिए .

        CCC Exam के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करे | How To Apply Online For CCC Exam In Hindi -

        सीसीसी एग्जाम के लिए आप डायरेक्ट ऑनलाइन आवेदन कर सकते है . सीसीसी के फॉर्म पुरे साल हर महीने भरे जाते है . प्रत्येक महीने इसका एग्जाम होता है . यदि आप जनवरी के महीने में आवेदन करते है है तो मार्च में आपका ऑनलाइन एग्जाम हो जायेगा . एग्जाम के 1 महीने बाद इसका रिजल्ट आ जाता है जिसके 1 महीने बाद आप इसका सर्टिफिकेट नेट से डाउनलोड कर सकते है .

        सीसीसी एग्जाम के लिए आपको ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सबसे पहले NIELT की आधिकारिक वेबसाइट http://www.nielit.gov.in/ पर जाना होगा . यहाँ पर आप ऑनलाइन फॉर्म भर सकते है -

        Step by Step Process To Fill Online Application form - 

        • सबसे पहले आप nielt की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर स्टूडेंट सेक्शन में जाए  या इस लिंक पर क्लिक करे  https://student.nielit.gov.in/Index.aspx.

        • लिंक पर क्लिक करने के बाद आपकी कंप्यूटर स्क्रीन पर NIELT का स्टूडेंट सेक्शन ओपन हो जायेगा . यहाँ पर आपको Right साइड में नीचे की तरफ दुसरे नंबर पर 'Apply Online' के लिंक पर क्लिक करना है . इस लिंक पर क्लिक करने के बाद एक नया पेज ओपन होगा .


        • पेज पर आपको कई सारे लिंक दिखाई देंगे . आपको Second Portion में दिखाई दे रहे Second लिंक पर क्लिक करना है . इसके बाद आपकी कंप्यूटर स्क्रीन पर एक नया पेज ओपन हो जायेगा .

        • इस पेज पर आपको फॉर्म फिल करने के आवश्यक दिशा निर्देश (Guidelines) मिलेंगे इनको ध्यान पूर्वक पढ़कर . Declaration / घोषणा के के टिक बॉक्स पर टिक करके 'I Agree & Proceed ' बटन पर क्लिक करे . बटन पर क्लिक करने के बाद नया पेज खुलेगा .
        • इस पेज पर दिए गए फॉर्म में अपनी बेसिक डिटेल जैसे - नाम ,DOB ,  पता , एड्रेस , मोबाइल नंबर , ईमेल एड्रेस , एजुकेशनल डिटेल्स सभी मांगी गयी जानकारियों को भरकर . अंत में कैप्चा कोड डालकर 'Submit' बटन पर क्लिक करे . बटन पर क्लिक करने के बाद आपका रजिस्ट्रेशन कम्पलीट हो जायेगा , इसके बाद आपको ऑनलाइन फीस जमा करनी होती है जिसे क्रेडिट कार्ड , डेबिट कार्ड आदि से जमा कर सकते है .

        CCC Exam Fee Details / सीसीसी परीक्षा के लिए कितनी एग्जाम फीस लगती है -

        CCC Exam के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सभी केटेगरी के अभ्यर्थियों के लिए एक सामान फीस लगती है .
        • General Candidate : Rs 590.
        • OBC Candidate : Rs 590.
        • SC/ST Candidate : Rs 590.
        फ़िलहाल के टाइम में सभी केटेगरी के कैंडिडेट के लिए Rs. 590 फीस निर्धारित की गयी है . जिसे आप ऑनलाइन  Credit Card , Debit Card , UPI , Bank E Challan आदि के माध्यम से जमा कर सकते है .

        CCC Exam Syllabus & Pattern / सीसीसी एग्जाम का सिलेबस  एवं पैटर्न क्या है - 

        Exam Pattern -
        सीसीसी के एग्जाम में कंप्यूटर से सम्बंधित  कूल 100 प्रश्न पूछे जाते है जिनमे में से 50 प्रश्न ऑब्जेक्टिव टाइप यानी बहुविकल्पिय जबकि 50 प्रश्न True / False यानि (सही / गलत) के पूछे जाते है जिसमे आपको बताना होता है की प्रश्न सही है या गलत .

        इसमें कोई भी Negative Marking नही होती है . इस एग्जाम को करने के लिए कूल 90 मिनट का समय दिया जाता है . यह एग्जाम ऑनलाइन होता है .

        • No. of Total Question : 100.
        • No. of Objective Type Question : 50.
        • No. of True / False Type Question : 50.
        • Exam Time Duration : 90 Minute.
        • Total Marks : 100.
        • Minimum Qualifying Marks : 50 % - 54 % (Grade B). 
        Exam Syllabus -
        • INTRODUCTION TO COMPUTER (कंप्यूटर का परिचय) -
        • GUI Based Operating System (कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम)-
        • Element of Word Processing (माइक्रोसॉफ्ट वर्ड) -
        • Spread Sheet (माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल) -
        • Computer Communication & Internet (कंप्यूटर संचार तंत्र एवं इन्टरनेट) -
        • WWW & Web Browser (WWW ओर वेब ब्राउज़र) -
        • Communication and Collaboration (संचार और सहयोग) -
        • Making Small Presentation (साधारण प्रेसेंटेशन बनाना) - 
        Download CCC Full Syllabus in Pdf - Click Here.

        What is CCC Exam Qualifying Marks & Grading Scale System Information / सीसीसी एग्जाम क्वालीफाई मार्क्स और ग्रेडिंग सिस्टम क्या है  - 

        सीसीसी एग्जाम में अभ्यर्थियों द्वारा प्राप्त किये गए मार्क्स के आधार पर उन्हें ग्रेड प्रदान किये जाते है . एग्जाम को क्वालीफाई करने के लिए आपको कम से कम D ग्रेड प्राप्त करना होता है यह ग्रेड 50 % से 54% अंक प्राप्त करने पर मिलता है . अन्य सभी ग्रेड्स की जानकारी निम्न प्रकार है -

        Grade S  : 85% and over,
        Grade A :  75% – 84%,
        Grade B :  65% – 74%,
        Grade C :  55% – 64%,
        Grade D :  50% – 54%,
        Grade F :  Fail (<50%).

        CCC का एडमिट कार्ड कैसे डाउनलोड करे / How To Download CCC Admit Card -

        Step by Step Process To Download CCC Admit Card / CCC Admit Card Download करने के लिए स्टेप by स्टेप प्रक्रिया - 

        • सबसे पहले आप nielt की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर स्टूडेंट सेक्शन में जाए  या इस लिंक पर क्लिक करे  https://student.nielit.gov.in/Index.aspx.
        • अब 'Download Admit Card' Link पर क्लिक करे . इसके बाद एक नया पेज Open हो जायेगा.
        • इस पेज पर दिए गए आप्शन में से आपको Second Portion में दिखाई दे रहे Second 'Course On Computer Concept' लिंक पर क्लिक करना है . इसके बाद आपकी कंप्यूटर स्क्रीन पर एक नया पेज ओपन हो जायेगा .


        • यहाँ पर आप मांगी गयी डिटेल्स भर दे और 'view' बटन पर क्लिक कर दे . आपका एडमिट कार्ड डाउनलोड हो जायेगा.

        How To Check CCC Exam Result / CCC Exam Result कैसे चेक करे - 


        Step by Step Process To Download CCC Result / CCC Result Download करने के लिए स्टेप by स्टेप प्रक्रिया - 

        • सबसे पहले आप nielt की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर स्टूडेंट सेक्शन में जाए  या इस लिंक पर क्लिक करे  https://student.nielit.gov.in/Index.aspx. लिंक पर क्लिक करने के बाद नया पेज खुलेगा यहाँ आपको 'View Result' के आप्शन पर क्लिक करे .
        • अब यहाँ पर मांगी गयी डिटेल्स डालकर 'View' पर क्लिक कर दे . आपका रिजल्ट Show हो जायेगा.
        आपका रिजल्ट कुछ इस प्रकार से डिस्प्ले होगा . यहाँ से आप इसे प्रिंट या डाउनलोड कर सकते है .

        CCC सर्टिफिकेट ऑनलाइन कैसे डाउनलोड करे (How To Download CCC Certificate Online) - 

        Step by Step Process To Download CCC Certificate Online / CCC Certificate Online Download करने के लिए स्टेप by स्टेप प्रक्रिया - 

        • सबसे पहले आप nielt की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर स्टूडेंट सेक्शन में जाए  या इस लिंक पर क्लिक करे  https://student.nielit.gov.in/Index.aspx. लिंक पर क्लिक करने के बाद नया पेज खुलेगा यहाँ आपको 'View Result' के आप्शन पर क्लिक करे .
        How To Download CCC Certificate / CCC Certificate Online Kaise Download Kare
        • अब 'Download Certificate' लिंक पर क्लिक करे . लिंक पर क्लिक करने के बाद आपकी कंप्यूटर स्क्रीन पर नया पेज ओपन हो जायेगा .
        • इस पेज पर मांगी गयी सभी जरूरी डिटेल्स को फिल करे . कैप्चा कॉड डालकर सबमिट बटन पर क्लिक करे . इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP आयेगा . OTP डालकर वेरीफाई करे और सबमिट बटन पर क्लिक कर दे . आप सर्टिफिकेट डाउनलोड हो जायेगा . जिसके बाद आप इसे इसे 'Save' या 'Print' भी कर सकते है .

        CCC Previous Paper / Practice Set In Hindi (Pdf) -


        आशा करता हु मेरे द्वारा दी गयी जानकारी "CCC Exam Full Details in Hindi | CCC Exam कैसे पास करे " आपके लिए उपयोगी सिद्ध हुई होगी. हमें कमेंट करके बताये . हो सके तो इस पोस्ट को शेयर जरूर करे -
        CCC Exam Full Details in Hindi | CCC Exam कैसे पास करे | Applicaton Form , Syllabus , Pattern , Result , Admit card CCC Exam Full Details in Hindi | CCC Exam कैसे पास करे  | Applicaton Form , Syllabus , Pattern , Result , Admit card Reviewed by Virendra Singh on June 17, 2019 Rating: 5

        शुरू करे T-Shirt Printing का Bussiness (व्यापार) बहुत ही कम लागत में | T-Shirt Business Details in Hindi

        June 14, 2019
        क्या ऐसे बिजनेस (व्यापार) को करने के बारे में सोच करे है जिसको शुरू करने में लागत कम आये और प्रॉफिट भी अच्छा खासा हो तो आज में आपके एक ऐसे बिज़नस के बारे में बता रहा हु जिसे आप बहुत ही आसानी से कम से कम लगात लगाकर महीने में अच्छी खासी कमाई कर सकते है . ये बिज़नस है T - Shirt प्रिंटिंग का बिजनेस (T-Shirt Business Details in Hindi ) जिसे आप बहुत ही कम लागत में शुरू कर सकते है लगभग 40 से 50 हजार रूपये में .

        T-Shirt Business Details in Hindi


        आजकल प्रिंटेड टीशर्ट का बहुत क्रेज है लोग कस्टमाइज टीशर्ट पहनना पसंद करते है जिसमे कुछ खास प्रकार के लोगो , नाम , फोटो डिजाईन आदि टीशर्ट पर प्रिंट किये जाते है . आजकल बाजार में प्रिंटेड T Shirt की बहुत ज्यादा डिमांड है .  आज हम इस पोस्ट के माध्यम से आपको बतायेंगे की कैसे आप इस बिसनेस को शुरू कर सकते है , इसके लिए किन किन उपकरणों की आवश्यकता होती है , आप उपकरण कहाँ से खरीद सकते है .


        T - Shirt बिजनेस शुरू करने में कितना खर्च आता है -


        शुरुआत करने के लिए लगभग 40 से 50 हजार रूपये का खर्च आता है . जिसमे आपकी Heat Press मशीन , Sublimation Printer , Ink , पेपर , Blank T Shirt ,अन्य सामान  शामिल है . अपनी Requirement के According आप बाद में बिजनेस को बड़ा सकते है .  

        T - Shirt प्रिंटिंग के लिए किन किन उपकरणों की आवश्यकता पड़ती है -

        इसके के निम्न मचिने एवं अन्य आवश्यक चीजो की आवश्यकता पड़ती है -
        • Heat Press Machine (टीशर्ट पर प्रिंट सेट करने के लिए ).
        • Sublimation प्रिंटर - (डिजाईन प्रिंट करने के लिए ).
        • Sublimation पेपर - (डिजाईन प्रिंट करने के लिए).
        • Sublimation Ink - (प्रिंटर में डालने के लिए).
        • Tafflon Sheat - (Heat Press Machine में टीशर्ट के ऊपर व नीचे रखने के लिए ).
        • Sublimation Tape - (Printed Design को टीशर्ट पर चिपकाने के लिए ).
        • Blank T-Shirt - Raw Material.

        T - Shirt प्रिंटिंग के लिए सभी जरूरी  सामानों की कीमत -

        Heat Press Machine - 15*15 इंच की हीट प्रेस मशीन आपको 12 से 15 हजार रु के बीच में मिल जाएगी जिससे आप A4 साइज़ की शीट पर बने डिजाईन को टीशर्ट पर फिक्स कर सकते है . अगर आप बड़ी मशीन लेना चाहते है तो साइज़ के हिसाब से उसकी कीमत भी बढ़ जाएगी.

        Sublimation प्रिंटर - Epson कंपनी का Sublimation Printer आपको 12 हजार से 25 हजार रु तक मिल जायेगा.

         Sublimation पेपर - पेपर आपको 2 रूपये / यूनिट से लेकर 4 रूपये / यूनिट तक मिल जायेगा.

         Sublimation Ink - इंक आपको 2000 रूपये तक मिल जाएगी.

        Teflone Sheat - टेफ़लोन शीट की दो शीट आपको लगभग 350 रूपये / शीट मिल जाएगी यानी लगभग 700 रूपये में .

        Sublimation Tape - ये आपको 300 रूपये के लगभग में मिल जाएगी.

        Blank T-Shirt - Blank T-shirt आपको 80 रूपये / पीस से 100 रूपये / पीस में मिल जाएगी.

        T - Shirt प्रिंटिंग के लिए सभी जरूरी  सामानों को कहाँ से खरीदे  -

        टीशर्ट प्रिंटिंग बिजनेस को शुरू करने के लिए जरूरी सामान आप ऑनलाइन या ऑफलाइन कई तरीको से खरीद सकते है -

        टीशर्ट प्रिंटिंग के लिए जरूरी सामान Online कैसे खरीदे - इस बिजनेस के लिए जरूरी सामान आप निम्न ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म से खरीद सकते है -

        • Indiamart.comइंडियामार्ट.कॉम बहुत ही विश्वसनीय कंपनी है इस लाखो की संख्या में इंडस्ट्रियल मटेरियल , रॉ  मटेरियल सप्लाई करने वाले सप्लायर की जानकारी उपलब्ध है . आपको बस इतना करना है www.indiamart.com पर जाकर सर्च करना है  "T Shirt Printing Raw Material and Machine" आपको इंडिया मार्ट पर उपलब्ध सभी सप्लायर का कांटेक्ट नंबर , एड्रेस , प्राइस -रेट की जानकारी  यहाँ से मिल जाएगी . indiamart से टीशर्ट प्रिंटिंग के लिए जरूरी सामान Online खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करे - Click Here
        • Aamazon.com - Sublimation Printer , Ink आदि सामान आप अमेज़न.कॉम से भी ऑनलाइन खरीद सकते है .
        टीशर्ट प्रिंटिंग के लिए जरूरी सामान Offline कैसे खरीदे - इस बिजनेस के लिए जरूरी सामान आप ऑफलाइन खरीदने के Google पर डीलर्स के एड्रेस और कांटेक्ट नंबर भी सर्च कर सकते है.

        T- Shirt Business शुरू करने के लिए कितनी जगह की आवश्यकता होती है -

        टी-शर्ट प्रिटिंग का काम करने के लिए आपको ज्यादा जगह की जरूरत नही होती इस काम को करने के लिए 10 by 10 (10 फूट लम्बा * 10 चौड़ा) स्थान काफी होता है . आप इस काम को अपने घर पर भी कर सकते है . यदि आपके घर में सूटेबल ना लगे तो आप मार्किट में दुकान किराये पर लेकर भी इस काम को शुरू कर सकते है .

        T- Shirt Printing Business के लिए लिए Marketing कैसे करे / अपना प्रोडक्ट कैसे सेल करे -

        आप अपने प्रोडक्ट को आप दो प्रकार से बाजार में बेच सकते है - 
        1. बाजार में दुकान किराये पर लेकर (स्वम)  . 2. बाजार में रेडीमेड कपडे बेचने वाले दुकानदरो से सम्पर्क करके .
        या तो  आप  खुद बाजार में अपनी दुकान किराये पर लेकर T-Shirt  बेच सकते है लेकिन इसमें आपको दुकान का किराया आदि खर्च वहन करना पड़ेगा और  यदि आप  यह खर्च वहन नही कर सकते तो आप बाजार में मौजूद दुकानदारो से संपर्क करके T-Shirt कुछ कम रेट पर सप्लाई कर सकते है . 

        इसमें आपको दुकानदारो से सम्पर्क करना होगा तथा प्रति पीस T-Shirt के हिसाब से आप अपना प्रोडक्ट बेच सकते है . आप अपने एरिया में कई मार्केट्स  में दुकान वालो से सम्पर्क कर सकते है जो की रेडिमेड कपडे  व् T-Shirt बेचते हो .  

        इसमें आपको काफी प्रॉफिट होगा क्यूंकि अगर आप बाजार में अपनी दुकान किराये पर लेकर यह काम शुरू करते है तो आप केवल लिमिटेड मात्रा में ही T-Shirt बेच पायेंगे जबकि मार्किट में T-Shirt सप्लाई करके आप महीने में अच्छी खासी रकम कमा सकते है . इस तरह आप महीने में अच्छी खासी  कमाई कर  सकते है .

        सबसे जरूरी बात -

        इस काम को करने के लिए जो सबसे जरूरी चीज है वो है क्रिएटिविटी . आप जितने ज्यादा बेहतर डिजाईन बना सकते है आपका प्रोडक्ट बिकने का चांस उतना ज्यादा है . बेहतर और अच्छे डिजाईन बनाने के लिए आपका दिमाग क्रिएटिव होना चाहिए और आपको कंप्यूटर का ज्ञान , फोटोशोप , कॉरल ड्रा की अच्छी खासी जानकारी होनी चाहिए जिससे आप बेहतर ढंग से अपने कार्य को कर सके और अपने बिजनेस में सक्सेसफुल हो सके . यदि आपको फोटोशोप और कॉरल ड्रा की जानकारी नही है तो आप किसी अच्छे से कंप्यूटर सेण्टर से इनको सीख सकते है .

        आशा करता हु मेरे द्वारा दी गयी जानकारी "T-Shirt Business Details in Hindi " आपके लिए उपयोगी सिद्ध हुई होगी. हमें कमेंट करके बताये . हो सके तो इस पोस्ट को शेयर जरूर करे -

          
        शुरू करे T-Shirt Printing का Bussiness (व्यापार) बहुत ही कम लागत में | T-Shirt Business Details in Hindi शुरू करे T-Shirt Printing का Bussiness (व्यापार) बहुत ही कम लागत में | T-Shirt Business Details in Hindi Reviewed by Virendra Singh on June 14, 2019 Rating: 5
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