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PM Kisan Samman Nidhi List Kaise Dekhe Online / प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना की लिस्ट कैसे चेक करे -

December 09, 2019
How To Check PM Kissan Samman Nidhi Yojna List in Hindi ? , प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना 2020 List कैसे चेक करे ? अगर आप भी PM kissan yojna से सम्बंधित जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो आप बिल्कुल सही जगह पर हो यहाँ पर आपको "PM Kissan Samman Nidhi List Kaise Dekhe" की पूरी जानकारी जानकारी मिलेगी.

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना क्या है / PM Kissan Samman Nidhi Scheme in Hinndi -

किसानो को आर्थिक सहायता देने के लिए प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने किसानो के लिए PM kissan yojna 2018 में शुरू की गयी थी . जिसके अंतर्गत प्रत्येक लघु एवं सीमांत किसान को जिसके पास 2 हेक्टयर तक खेती की जमीन हो को प्रत्येक वर्ष सालाना 6 हजार रूपये दिए जाते हिया . किसान को साल में 2000 रु की 3 क़िस्त हर 4 महीने के बाद दी जाती है . यह रकम सीधे किसान के बैंक खाते में आधार नंबर की सहायता से डाली जाती है .

किसान सम्मान निधि की पात्रता एवं शर्ते जाने के लिए यहाँ क्लिक करे (ऑफिसियल).

PM Kisan Samman Nidhi List Kaise Dekhe / प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना की लिस्ट कैसे चेक करे -

अब आप प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्तियो की सूचि ऑनलाइन चेक कर सकते है . इसके लिए भारत सरकार द्वारा एक वेबसाइट लांच की गयी है जहाँ पर लाभार्थी सूचि को ऑनलाइन देख सकते है . लाभार्थी सूचि PM Kisan की आधिकारिक वेबसाइट - https://www.pmkisan.gov.in/ पर उपलब्ध है .

यहाँ पर हम आपको Step By Step बतायेंगे की कैसे आप PM किसान सम्मान निधि योजना की लिस्ट और Status online Check कर सकते है -

Step 1 - सबसे पहले "PM Kisan Samman Nidhi Yojna" की Official Website - https://www.pmkisan.gov.in/ पर logIn करे.
PM Kisan Samman Nidhi List Kaise Dekhe / प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना की लिस्ट कैसे चेक करे -

Step 2 -  Home Page पर दिए गए लिंक 'Farmer Corner' पर क्लिक करे उसके बाद लिस्ट से 'Beneficiary List' पर क्लिक करे. इसके बाद आपकी स्क्रीन पर नया पेज ओपन होगा .


जिस पर आपको कई सारे आप्शन मिलेंगे जिनमे आपको अपनी ये डिटेल्स भरनी है -
  • State - दी गयी लिस्ट में सभी राज्यों के नाम दिए गए है इनमे से अपने राज्य का नाम सेलेक्ट करे.
  • District - दी गयी जिलो की लिस्ट में से अपना जिला चुने .
  • Sub - District - अब आपको अपनी तहसील का नाम लिस्ट में से सेलेक्ट करना है.
  • Village - अंत में अपना गाँव का नाम दी गयी लिस्ट में सेलेक्ट करे.
सारी डिटेल्स भरने के बाद 'Get Report' बटन पर क्लिक कर दे. जिसके बाद आपकी कंप्यूटर या मोबाइल की स्क्रीन पर एक नया पेज ओपन हो जायेगा . जहाँ पर आपको अपने गाँव के सभी पात्र किसानो की सूचि मिल जाएगी जिसमे से आप अपना नाम सेलेक्ट कर ले .



PM Kisan Samman Nidhi Status Kaise Check Kare / किसान सम्मान निधि योजना में अपना स्टेटस कैसे चेक करे -


अब आप प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्तियो का Status ऑनलाइन चेक कर सकते है . इसके लिए भारत सरकार द्वारा एक वेबसाइट लांच की गयी है जहाँ पर लाभार्थी सूचि को ऑनलाइन देख सकते है . लाभार्थी सूचि PM Kisan की आधिकारिक वेबसाइट - https://www.pmkisan.gov.in/ पर उपलब्ध है .

यहाँ पर हम आपको Step By Step बतायेंगे की कैसे आप PM किसान सम्मान निधि योजना का Status online Check कर सकते है -

Step 1 - सबसे पहले "PM Kisan Samman Nidhi Yojna" की Official Website -https://www.pmkisan.gov.in/ पर logIn करे.


 Step 2 -  Home Page पर दिए गए लिंक 'Farmer Corner' पर क्लिक करे उसके बाद लिस्ट से 'Beneficiary Status' पर क्लिक करे. इसके बाद आपकी स्क्रीन पर नया पेज ओपन होगा .

Step 3 - यहाँ पर आप अपना आधार नंबर / बैंक खाता संख्या / मोबाइल नंबर तीनो में से कोई एक विवरण भरके अपना स्टेटस चेक कर सकते है.

इस प्रकार आप प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत अपना स्टेटस चेक कर सकते है .

इस पोस्ट में दी गयी जानकारी "PM Kisan Samman Nidhi List Kaise Dekhe" आपको कैसी लगी कमेंट करके बताये और इस विषय से जुड़े अपने प्रश्न आप हमें कमेंट करके भी पूछ सकते है.

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इस बार दीपावली पर उत्तर प्रदेश सरकार दे रही है बड़ी खुशखबरी - जानिए क्या खुशखबरी

October 25, 2019
जैसा की आप सभी जानते जब से उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने है जब प्रदेश में हर बार दीपावली बड़े धूम धाम से मनाई जाती है . और प्रदेश वासियों को योगी सरकार की तरफ से कई प्रकार की सौगाते जाती रही फेस्टिवल सीजन को ध्यान में रखते हुई .

इस बार दीपावली पर उत्तर प्रदेश सरकार दे रही है बड़ी खुशखबरी - जानिए क्या खुशखबरी


इस बार ही कुछ ऐसी ही खुशखबरी की खबर है . इस बार दीपावली के मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में 24 घंटे बिजली बिजली देगी जिससे आप प्रकाश का त्यौहार दीपावली बहुत अच्छे बिजली के प्रकाश में मना सके . मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है की इसबार त्योहारों के मौके पर दीपावली से लेकर छट पूजा तक गाँव और शहरो में बिना कोई कटोती किये 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जाएगी.

25 अक्टूबर से लेकर 11 नवम्बर तक प्रदेश के सभी शहरो एवं गाँवो में निर्बाध रूप से 24 घंटे बिजली दी जाएगी. इसके लिए सभी जरूरी व्यवस्था कर ली गई है .प्रमुख सचिव ऊर्जा व पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष आलोक कुमार के अनुसार निर्बाध आपूर्ति के लिए लगभग 20 हजार मेगावाट बिजली की जरूरत पड़ेगी जबकि विभाग अभी प्रतिदिन 17 हजार मेगावाट की आपूर्ति कर रहा है, और दीपावली के लिए अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था कर ली गई है, जिससे चौबीसों घंटे आपूर्ति की जा सकेगी.

बिजली की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए ऊर्जा विभाग ने अधिकारियों को जल्द से जल्द ब्रेकडाउन ठीक करने के निर्देश दिए गए हैैं, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी न हो . अतिरिक्त स्टाफ की भी वयवस्था की गयी है.
इस बार दीपावली पर उत्तर प्रदेश सरकार दे रही है बड़ी खुशखबरी - जानिए क्या खुशखबरी इस बार दीपावली पर उत्तर प्रदेश सरकार दे रही है बड़ी खुशखबरी - जानिए क्या खुशखबरी Reviewed by Virendra Singh on October 25, 2019 Rating: 5

कबीरदास का जीवन परिचय , Kabirdas Biography In Hindi

October 25, 2019

आज हम आपको हिंदी साहित्य के एक ऐसे अनमोल रत्न से परिचित कराने जा रहे है. जिनकी गिनती हिंदी  साहित्य के सर्वश्रेष्ठ साहित्यकारों में सबसे उपर की जाती है.ये हिंदी साहित्य के एक साहित्यकार है .जिनके बिना हिंदी साहित्य की कल्पना करना मुस्किल है .

कबीरदास का जीवन परिचय  , Kabirdas Biography In Hindi

कबीरदास का जीवन परिचय / Kabirdas Biography In Hindi -  

    
महाकवि कबीरदास का जन्म सन 1398 ई० में मन जाता है .कबीरदास भक्ति - काल के निर्गुण काव्य धारा के ज्ञानमार्गी शाखा के प्रमुख कवि है .ऐसा मन जाता है कि काशी में किसी विधवा ब्राह्मणी ने गुरु रामानंद जी के आशीर्वाद से इन्हें जन्म दिया .विधवा होने के कारण वह इन्हें अपना न सकी और इन्हें लहरतारा नामक नदी के किनारे छोड़ दिया . नीरू और नीमा के एक जुलाहादम्पति  ने इन्हें वहां से जाते से  जाते हुए देखा वह निसंतान थे इसलिए ख़ुशी इन्हें भगवन का प्रसाद समझकर इन्हें लगाये और इनकी परवरिश की .

जन -श्रुतियो के अनुसार इनका विवाह लोई नामक स्त्री से हुआ .जिनसे इनके दो संताने हुई इनके पुत्र का नाम कमाल और पुत्री  का नाम कमाली था इन्होने अपने जीवन का अधिकांश समय काशी में ही व्यतीत किया . उस समय ऐसी मान्यता थी की काशी मे मारने से सवर्ग प्राप्त होता है और मगहर में मरने से नरक नरक प्राप्त होता है , लोगो केमन की इस भ्रान्ति को दूर करने के लिए इन्होने जब अपना अंतिम समय निकट जाना ,तब ये मगहर चले गए . वहां सन 1518  ई० में माघ महीने की शुक्लपक्ष की एकादशी तिथि को इनका देहावसान माना जाता है . 


इनकी म्रत्यु के उपरांत हिदू व मुस्लिम दोनों ही अपनी -अपनी रीती -रिवाजो से इनका अंतिम संस्कार करना चाहते  थे ,जन -श्रुति के अनुसार मन जाता है की जब शव पर से चादर हटाई गई ,तब वहां शव के स्थान पर पुष्प मिले दोनों संप्रदाय के लोगो ने फुलो को आधा -आधा बाँट लिया और अपनी -अपनी रीती से उनका अंतिम संस्कार किया .


कबीरदास के गुरु स्वामी रामानंद थे ', परन्तु जन -श्रुतियो के अनुसार ये शूफी संत  शेख तकी के शिष्य मने जाते है .ये पड़े लिखे नहीं थे , गुरु रामानंद जी ने इनमे काव्य प्रतिभा जाग्रत की .कबीरदास जी ने अपने विषय में स्वयं कहा है -
  मसि कागद छुओं नहीं ,कलम गह्यो नहिं हाथ.



इस कथन से इस तथ्य के प्रमाणिकता स्वयं सिद्ध हो जाती है की इन्होने अपनी वाणी को लिपिबद्ध नहीं किया तथा  अनपढ़ होते हुए भी ये समाज -सुधारक ,पाखंड के आलोचक ,उत्कृष्ट रहस्यवादी तथा मानवता की भावनाओ से युक्त है ,इनकी रचनाओं से ऐसा स्पष्ट है .इन्होने अपनी रचनाओ में माला जपना ,नमाज पढ़ना ,मूर्ती पूजा आदी बही आडम्बरों की घोर निंदा की है तथा सत्य के लिए प्रेम ,इन्द्रिय निग्रह ,सदाचार ,सत्संग ,गुरु महिमा और ईस्वर की भक्ति के और ध्यान आकृष्ट किया है .कर्मकांडो व बाह्य -आडम्बरो का विरोध हुए कबीरदास जी कहते है -
कांकर- पाथर जोरि कै , मस्जिद लई चीनाय .
ता छड़ी मुल्ला बांग दे ,क्या बहिरा हुआ खुदाय .. 


कबीर दास की प्रमुख रचनाएँ-

कबीरदास जी की रचनाओ की प्रमाणिकता नहीं हो पाई है लेकिन ऐसा मन जाता है कि इनके मुख से उच्चरित होने वाली वाणी को इनके शिष्य लिपिबद्ध कर देते थे . इनकी रचनाओं  को इनके शिष्यों ने बीजक नामक संग्रह में प्रकाशित किया , जिसके तीन भाग है -
(1) साखी - साखी शब्द तत्सम शब्द साक्षी का तदभाव रूप है , इनमे इनके धार्मिक उपदेश संगृहीत है .यह दोहा छन्द में लिखा गया  है .

(2) सबद - सबद संगेतात्मक से युक्त गेयपद है , इसमें कबीर के अलोकीक-प्रेम व आध्यात्मिकता के भाव मुखरित हुए है .

(3) रमैनी - इसमें कबीरदास के दार्शनिक व रहस्यवादी विचार मुखरित हुए हैं . यह चौपाई छन्द में रचित है .


भाषा -

कबीरदास पढ़े-लिखें नहीं थे, इन्हें जो भे शब्द मिलता उसी का प्रयोग कर लेते थे .इनके भाषा में अरबी ,भोजपुरी ,बुन्देलखण्डी ,ब्रज व खडी बोली आदी विभिन्न भाषाओ के शब्दों का समावेश है. अत: इनकी भाषा सधुक्कडी पंचमेल खिचड़ी  कही जाती है .


शैली -

 इनकी शैली भावात्मकव्यंगात्मक है.कबीर के काव्य में अनुप्रास ,रूपक ,दृष्टान्त ,अतिशयोक्ती ,व उपमा आदी अलंकारों का प्रयोग हुआ है .      

आशा करते है हमारे द्वरा दी गयी " कबीरदास का जीवन परिचय  , Kabirdas Biography In Hindi  " की जानकारी आपको  अच्छी लगी होगी . इस   विषय से जुड़ा कोई भी प्रश्न पूछने के लिए कमेंट करे .और इस पोस्ट को हो सके तो शेयर जरूर करे .

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मीराबाई का जीवन परिचय , Meerabai Biography in Hindi

October 25, 2019
भक्तिकाल की कृष्ण की अनन्य भक्त मीराबाई को तो सब ही जानते है  . यह एक ऐसी कवयित्री थी जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन कृष्ण भक्ति के नाम कर दिया, इनका सम्पूर्ण काव्य श्री कृष्ण के लिए समर्पित है .

मीराबाई का जीवन परिचय , Meerabai Biography in Hindi


मीराबाई का जीवन  परिचय , Meerabai  Biography In  Hindi -


मीराबाई का जन्म  सन् 1498  ई॰ में राजस्थान के चौकड़ी ग्राम में हुआ था . इनके पिता रतन सिंह जोधपुर के राजा थे .जब ये छोटी ही थी जब इनकी माता का निधन हो गया था , अतः इनके दादा राव दूदा जी ने ही इनका  पालन-पोषण किया .

अपने पितामह राव जी की उदार व धार्मिक प्रव्रत्ति का प्रभाव  इन पर पड़ा और तभी से मीराबाई के ह्रदय  में कृष्ण के प्रति -प्रेम उत्पन हो गया .कृष्ण के प्रेम में दीवानी मीरा उन्हें अपना पति मानने लगी .मीराबाई का वीवाह चितोड के महाराजा राणा सांगा के ज्येष्ठ पुत्र भोजराज के साथ हुआ था .

इनका दाम्पत्य जीवन सुखमय नहीं रहा , विवाह के कुछ समय बाद ये विधवा हो गई . इसके बाद इनके ससुर की भी म्रत्यु हो गई .इसके बाद मीरा ने कृष्ण को ही अपना पति मान लिया  और उन्ही की  मूर्ती के सम्मुख भजन कीर्तन व नृत्य में लींन  रहने लगी .साधु -संतो की संगती में रहते हुए मीरा पूर्ण तन्मयता से कृष्ण भक्ति के भजन गाती व कीर्तन करती थी .

इस सब में उन्होंने लोक लाज का भी ध्यान नहीं रखा ,वे पैरो में घुंगरू बांध  कर गाते -गाते तन्मय होकर नाचने लगती थी .
          कृष्ण के विषय में उन्होंने कहा है -
                                                             मेरे तो गिरधर -गोपाल , दूसरो न कोई .
                                                              जाके सिर  मोर मुकुट , मेरो पति सोई .
                                                              तात-मात -भ्रांत बंधू ,अपनों न कोई ..
                                                              छाँड़ि दई कुल की कानि ,कहा करिहैं कोई .
                                                              संतन ढिंग बैठि-बैठि ,लोक लाज खोई ..

इनके देवर को इनका ऐसा करना राज मर्यादा के खिलाफ लगता था , उन्होंने मीराबाई को ऐसा करने से रोकने के लिए बहुत प्रयत्न किये ,लेकिन जब वह उन में सफल नहीं हो पाए ,तब उन्होंने चरणामृत के बहाने से विष देकर उन्हें मरना चाहा ,परन्तु कृष्ण भक्त  मीरा पर इसका कोई असर नहीं हुआ .
   
उन्होंने कहा भी है -
                                 श्री गिरधर आगे नाचुँगी 
                                 लोक -लाज कुल की मर्यादा , या में एक न राखूंगी ..
 कृष्ण की भक्ती करते हुए  सन 1546 ई॰ में मीराराबाई श्री कृष्ण के चरणों में विलीन हो गई .

साहित्यिक परिचय -

            साहित्य की द्रष्टी से देखे तो मीरा का काव्य सगुन भक्ति रस में सराबोर है .इनके आराध्य श्री कृष्ण है इनकी भक्ति ही इनकी काव्य साधना है . इनकी काव्य साधना  का  मुख्य स्वर भी कृष्ण भक्ति ही है .ईश्वर से दाम्पत्य -प्रेम के रूप में व्यक्त इनकी भावानुभूतियाँ मधुर गीत बनकर काव्य -जगत की धरोहर बन गए .विरह की स्थिति में निकले इनके गीत ह्रदय को छूने  वाले है और सच्चे प्रेम की पीड़ा से भरे है.  इनकी भक्ति और प्रेम में डूबे  गीत आज भी तन्मयता के साथ गाए जाते है .

मीराबाई की प्रमुख रचनाएँ -

मीराबाई ने गीतिकाव्य की रचना की है . उनकी प्रमुख कृतियाँ  इस प्रकार है -
1.गीत गोविन्द का टिका.
2.राग सोरठ के पद .
3राग गोविन्द .
4.नरसी जी का मायारा .
5. राग विहाग तथा फुटकर पद.
6.गरबा गीत .
7.मीरबाई  की मलहार .

भाषा- शैली -

               मीराबाई की रचनाओ की भाषा साहित्यिक ब्रज -भाषा है इनकी काव्य भाषा पर पंजाबी ,राजस्थानी और गुजराती का भी प्रभाव दीखाई देता है . कृष्ण भक्ति ही इनके काव्य का प्रमुख विषय रहा है .वे जीवन भर कृष्ण के वियोग में माधुर्य - भाव से युक्त रहते हुए कृष्ण भक्ति में लीं रही .

साहित्य में स्थान -

                           साहित्यकारों ने मीरा के काव्य में प्रेम और भक्ति की गहनता देख उन्हें 'प्रेम दीवानी मीरा 'की संज्ञा दी .मध्युगीन राजस्थानी और हिंदी में इनका काव्य अनुपम हैं.


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मुंशी प्रेमचंद का जीवन परिचय -
थॉमस अल्वा एडिसन का जीवन परिचय एवं अनमोल विचार.



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मुंशी प्रेमचंद का जीवन परिचय , Munshi Premchand Biography In Hindi -

October 16, 2019
प्रेमचंद जी की गिनती हिन्दी साहित्य के श्रेष्ठ साहित्यकरो में की जाती है . आज हम इस पोस्ट के माध्यम से आपको मुंशी प्रेमचंद के जीवन परिचय के बारे में बताने वाले है . मुंशी प्रेमचंद जी के जीवन परिचय , उनकी प्रमुख कृतियाँ एवं उनके द्वारा किये गए प्रमुख कार्यो को जानने के लिए इस पोस्ट को अंत तक अवश्य पढ़े.


मुंशी प्रेमचंद का जीवन परिचय , Munshi Premchand Biography In Hindi -

मुंशी प्रेमचंद का जीवन परिचय / Munshi Premchand Biography In Hindi - 

मुंशी प्रेमचंद जी का जन्म वाराणसी जिले के लमही नामक ग्राम  में 31 जुलाई,सन 1880 में हुआ था .इनके पिता का नाम अजायब राय और इनकी माता का नाम आनंदी देवी था . इनके बचपन का नाम धनपत राय था.

जब इनके पिता की म्रत्यु हुई, तब इनकी आयु बहुत कम थी ,जिसके कारण इन्हें बचपन से ही कठोर संघर्ष करना पड़ा. कक्षा-10 की परीक्षा पास करने के बाद इन्होने अध्यापन कार्य प्रारम्भ किया .



इन्होने बड़े परिश्रम और साहस  के साथ प्रवेश  परीक्षा पास कर इंटर की पढाई शुरू क,. परन्तु परीक्षा में फेल हो जाने के कारण पढाई छोड़ दी. इनका विवाह विधार्थी जीवन में ही हो गया था, परन्तु परस्पर सामंजस्य न होने के कारण इन्होने शिवरानी देवी से दूसरा विवाह किया. विपरीत परिस्थितियो में भी इन्होने अपने साहस से अपनी शिक्षा निरंतर जारी रखी. शिक्षण कार्य करते हुए इन्होने बी ए की परिक्षा पास की और शिक्षा विभाग में सब -डिप्टी इंस्पेक्टर नियुक्त किये गए .महात्मा गाँधी जी के असहयोग आन्दोलन से परभावित होकर इन्होने नोकरी से त्याग -पत्र दे दीया. 


कुछ समय तक कष्टपूर्ण जीवन व्यतीत करने के बाद सन् 1931 में ये कानपुरके मारवाड़ी विधालय में पुनः अध्यापक नियुक्त हुए तथा बाद में इसी विधालय में प्रधानाध्यापक भी नियुक्त किये गए. तत्पश्चात वैचारिक मतभेद के कारण इन्होने नोकरी से त्याग पत्र दे दिया. इन्होने काशी विधापीठ में भी अध्यापन कार्य किया. अपना साहित्यिक जीवन प्रारंभ करने पर इन्होने मर्यादा पत्रिका का संपादन किया. तत्पश्चात इन्होने माधुरी, हंस तथा जागरण आदि पत्रिका पत्रों का संपादन और प्रकाशन भी किया. 


इस कार्य ने इन्हें आर्थिक संकट में डाल दिया, जिससे उबरने के लिए इन्होने बंबई (मुंबई) में फिल्म निर्माण कंपनी में नोकरी की. वहाँ भी इनका मन नहीं लगा, तो ये वापस कशी लोट आये ओर अपने गाँव में रहते हुए निरंतर साहित्य सेवा में लगे रहे. निरंतर आभाव में रहने के कारण ये लम्बी बीमारी से ग्रस्त हो गए. 8 अक्टूबर, सन 1936 में कठोर जीवन संघर्ष और धनाभाव से जुझते हुए हिंदी साहित्याकाश का यह चमचमाता सितारा पंचतत्व में विलीन हो गया.


साहित्यिक परिचय -

मुंशी प्रेमचंद आरंभ से ही बहुमुखी प्रतिभा संपन थे. सुरु में ये उर्दू में नवाब राय के  नाम से उपन्याश और कहानिया लिखते थे. इनके उर्दू में कुछ राजनेतिक कहानिया धनपत राय के नाम से प्रकाशित हुई थी. सन 1915  दिवेदी युग के प्रवर्तक आचार्य महावीर प्रसाद दिवेदी के प्रेरणा से इन्होने प्रेमचंद नाम धारण कर हिंदी साहित्य जगत में प्रवेश किया. इन्हें कलम का सिफ़ाई और उपन्यास सम्राट की उपाधी दे गयी.


कृतियाँ -


इनकी प्रमुख कृतियाँ निम्न प्रकार है -

 कहानी संग्रह - सप्त्सरोज ,नवनिधि ,प्रेम-प्रसून ,प्रेमपचीसी ,मानसरोवर (दस भाग) ,ग्राम्य जीवन की कहानियां ,कफ़न ,प्रेरणा ,कुत्ते की कहानी ,प्रेम चथुर्थी ,समर-यात्रा ,मन मोदक ,अग्नि समाधी ,प्रेमगंगा ,सप्त्सुमन आदी प्रमुख है.



उपन्यास - सेवासदन ,गोदान ,क्रमभूमि ,गबन ,निर्मला ,रंगभूमि ,प्रेमाश्रम ,वरदान ,प्रतिज्ञा तथा कायाकल्प ,मंगलसूत्र (अपूर्ण कृती) आदी.




निम्बंध - कुछ विचार और साहित्य का उद्देश्य आदी.



नाटक - संग्राम ,प्रेम की वेदी ,रूठी रानी तथा कर्बला आदी.


संपादन - माधुरी ,हंश ,जागरण ,मर्यादा आदी.


सम्पादित रचनाएँ - गल्परतन तथा गल्पसमुच्चय आदी.


अनुदित रचनाएँ - सुखदास ,अहंकार ,आजाद -कथा ,चांदी की डिबिया ,टाॅलस्टाय की कहानियां तथा श्रष्टि का आरम्भ आदी.



जीवनी और बालोपयोगी रचनाएँ - कलमतलवारकात्याग ,दुर्गादास ,महात्मा शेखसादी ,रामचर्चा इत्यादि.


भाषा -

मुंशी प्रेमचंद की भाषा सहज ,प्रवाहपूर्ण ,मुहावरेदार और प्रभावशाली है. इनकी भाषा में अदभुत व्यंजन-शक्ति विधमान है. इनकी भाषा में संस्कृत के तत्सम शब्दों की प्रधानता है, तो कही-कही उर्दू ,फ़ारसी और अंग्रेज़ी शब्दों का यथास्थान प्रयोग है.
 

शैली - 

विवेचनात्मक शैली , हास्य-व्यंग्य प्रधान शैली , भावात्मक शैली , वर्णात्मक शैली , मनोवैज्ञानिक शैली .



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MI Fitness Band - MI Band 4 | एम् आई बैंड 4 क्या है | एम् आई बैंड 4 कैसे काम करता है - Buy MI Band 4 Online at Rs 2299 Only -

October 11, 2019

MI Fitness Band 4 क्या है :

एम् आई बैंड (MI fitness Band) एक प्रकार का फिटनेस ट्रैकिंग उपकरण है जिसे हाथ में बांधा जाता है . एम् आई बैंड फिजिकल एक्टिविटी (Physical Activity) को ट्रैक ( Track ) करने के लिए खास तौर से बनाया गया है . इससे यूजर को अपनी फिजिकल एक्टिविटी जैसे की वाक् (Walk) या जॉगिंग (Jogging) करते हुई  खर्च हुई उर्जा ( कितनी  कैलोरी बर्न हुई ) का पता चलता है यह  इसको काउंट करता है . यह यूजर को ज्यादा देर तक फ्री बैठे रहने पर भी अलर्ट देता है . पानी पीने से लेकर सोने को लेकर यूजर को अलर्ट करता है की आपको कब पानी पीना है , कब सोना है , कब चलना  है .

Xioami द्वारा हल ही में MI फिटनेस बैंड का लेटेस्ट वर्शन MI Band 4 लौंच किया गया है . MI Band 4  कई नई खाशियत है जो इसे MI  बैंड 3 से बेहतर बनाती है . यदि हम बात करे MI बैंड 3 की तो इसमें Step Tracking , Heart Rate Monitor , Sleep Tracking , Calling Notification बहुत सारी सुविधाएँ दी गयी थी . MI बैंड 4 में इन सब सुविधाओ के साथ साथ कई सारी नई सुविधाएँ भी डी गयी है जैसे इसमें कुछ नए फंक्शन ऐड किये गए है जैसे - स्विमिंग ट्रैकिंग , म्यूजिक कण्ट्रोल आदि बहुत सारे फंक्शन दिए गए है .

कैसे काम करता है MI Band  4 :



एम् आई बैंड 4 (MI Band 4) को स्मार्ट वाच (Smart Watch) के आधार पर डिजाईन किया गया है हालाँकि इसमें ज्यादा बड़ी डिस्प्ले नही दी गयी है और ना ही इसमें कालिंग फीचर दिया गया है इसे खास तौर पर फिजिकल एक्टिविटी ट्रैक करने के लिए बनाया गया है .

MI Band 4 में MI Band 3 की अपेक्षा काफी बड़ी कलर  डिस्प्ले दी गयी है . एम् आई बैंड को यूजर को घडी की तरह अपने हाथ की कलाई में बांधना होता है . इसमें लिथियम आयन बैटरी दी गयी है जिससे इसे पॉवर मिलती है . कनेक्टिविटी के लिए ब्लूटूथ दिया गया है .MI बैंड MI फिटनेस एप्प पर कार्य करता है . यूजर को अपने एंड्राइड फ़ोन या आई फ़ोन पर MI Fitness App को डाउनलोड करना होता है . MI फिटनेस एप्प पर अपना अकाउंट बनाकर इसे MI बैंड से ब्लूटूथ के द्वारा कनेक्ट किया जाता है .

Mi Band को MI Fitness App से कनेक्ट करने के बाद यूजर अपना फिजिकल एक्टिविटी का सारा डेटा अपने स्मार्टफोन पर देख सकता है .

MI Band 4 Function & Specification :

  • इसमें Bluetooth 5.0 वर्सन दिया गया है.
  • डिस्प्ले की बात करे तो MI बैंड 4 में 2.41 cm, 120 x 240 pixels, Touch Display दी गयी है.
  • MI बैंड 4 Water Resistant है , आप लगातार इसे 50 मिनट तक पानी में रख सकते है.
  • ये Scratch Resistant है यानी इसपर स्क्रैच नही पड़ते है.
  • इसमें Heart Rate Monitor, Calorie Count, Sleep Monitor , Swimming Tracking , Music and Volume Control के फंक्शन दिए गए है.
  • Step Count, Pedometer का भी फंक्शन अवेलेबल है.
  • AMOLED Display दी गयी है.
  • Android v4.4, iOS 9.0 को सपोर्ट करता है.
  • इसमें कलर व MI Band 3 से बड़ी डिस्प्ले दी गयी है.

How To Buy MI Fitness Band 4 Online / MI फिटनेस बैंड 4 ऑनलाइन कैसे खरीदे -

MI Band 4 Xioami की ऑफिसियल वेबसाइट https://www.mi.com से आप इसे  2299 रूपये में ऑनलाइन खरीद सकते है . इसे खरीदे के लिए इस लिंक पर जाये - https://store.mi.com/in/buy/product/mi-smart-band-4 .


MI Fitness Band - MI Band 4 | एम् आई बैंड 4 क्या है | एम् आई बैंड 4 कैसे काम करता है - Buy MI Band 4 Online at Rs 2299 Only - MI Fitness Band - MI Band 4 | एम् आई बैंड 4 क्या है | एम् आई बैंड  4 कैसे काम करता है - Buy MI Band 4 Online at Rs 2299 Only - Reviewed by Virendra Singh on October 11, 2019 Rating: 5

ब्लॉग क्या होता है | ब्लॉग से पैसे कैसे कमाये | What Is Blog In Hindi | How To Make Money With Blog In Hindi-

October 04, 2019
हेलो दोस्तों आपने ऑनलाइन पैसा कमाने के बारे में तो सुना ही होगा , वैसे तो ऑनलाइन पैसा कमाने के बहुत सारे तरीके है जिनमे से सबसे ज्यादा पोपुलर तरीका है ब्लॉग बनाकर ब्लॉग से पैसा कमाना . आज इस पोस्ट में हम आपको बताने वाले है ब्लॉग के बारे में - जैसे ब्लॉग क्या होता है , ब्लॉग किसे कहते है , आप ब्लॉग कैसे बना सकते है और आप ब्लॉग से पैसा कैसे कमा सकते है . सबसे पहले जानते है ब्लॉग के बारे में कुछ बेसिक बात .

ब्लॉग क्या होता है | ब्लॉग से पैसे कैसे कमाये | What Is Blog In Hindi | How To Make Money With Blog In Hindi-

ब्लॉग क्या है ? 

आसान भाषा में कहा जाये तो ब्लॉग एक ऑनलाइन डायरी की तरह होता है जिस पर कोई व्यक्ति किसी भी विषय से जुडी जानकारिया नियमित रूप से पब्लिश यानि लिखता है . इस जानकारी को इन्टरनेट पर पूरी दुनिया में कहीं भी आसानी से पढ़ा (एक्सेस) जा सकता है .

 दुसरे शब्दों में ब्लॉग एक वेबसाइट की तरह होता है लेकिन इसका इस्तेमाल लोग अपने निजी विचारों को लोगों तक पहुचाने के लिए करते है. ब्लॉग का एक ऑनलाइन ऑनलाइन एड्रेस होता है जिसे डोमेन के नाम से जाना जाता है . इस एड्रेस की सहायता से ही ब्लॉग को कहीं पर भी देखा जा सकता है .

यदि वेबसाइट और  ब्लॉग की तुलना की जाए तो ब्लॉग का आकार वेबसाइट से बहुत ही छोटा होता है, यानी इसे समझने की कोई मुश्किल नहीं होती .

आप ब्लॉग पर किसी भी टॉपिक के ऊपर लिख सकते है और लोगो के साथ अपने ज्ञान को बाँट सकते है उदहारण के लिए जैसे - शिक्षा , स्वास्थ्य , फैशन , आर्ट्स , फ़ूड , जॉब्स आदि.

ब्लॉग और वेबसाइट में क्या अंतर होता है ?

वैसे तो ब्लॉग और वेबसाइट एक जैसे ही होते है . लेकिन कुछ ऐसी विशेषताए होती है जो की ब्लॉग और वेबसाइट में अंतर स्पस्ट करती है .
  • वेबसाइट किसी कंपनी या ब्रांड के प्रचार के लिए बनाई जाती है .
  • ब्लॉग अपनी जानकारी लोगो के साथ ऑनलाइन शेयर करने के लिए बनाये जाते है .
  • वेबसाइट नियमित रूप से अपडेट नही होती जबकि ब्लॉग नियमित रूप से अपडेट होता रहता है .
  • ब्लॉग पर पोस्ट डालने वाले को ब्लॉगर कहते है .
  • वेबसाइट पर कोई बदलाव या जानकारी लिखने वाले को एडमिन कहा जाता है .
  • वेबसाइट का साइज़ काफी बड़ा होता है जबकि ब्लॉग अपेक्षाकृत छोटा होता है .

ब्लॉग कैसे बनाये / How To Create Blog In Hindi -

वैसे तो ब्लॉग बनाने के बहुत सारे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जहाँ पर आप ब्लॉग बना सकते है जिनमे से कुछ फ्री है जबकि कुछ के लिए आपको पैसे खर्च करने पड़ेंगें. उदहारण के लिए आप blogger.com , wordpress.com , joomla , weebly आदि पर अपना ब्लॉग बना सकते है .

हालाँकि सबसे ज्यादा पोपुलर प्लेटफोर्म blogger.com और wordpress.com है. यदि आप wordpress.com पर आपना ब्लॉग बनाना चाहते है तो आपको होस्टिंग और डोमेन खरीदने पड़ेंगे किसके लिए आपको 7 से 10 हजार रूपये खर्च करने पढ़ सकते है . 

और यदि आपके पास खर्च करने के लिए पैसा नही है तो आप blogger.com से शुरू कर सकते है . ब्लॉगर पर आपको होस्टिंग खरीदने के आवश्यकता नही पड़ती सिर्फ डोमेन खरीदकर आप यहाँ पर लगा सकते है . यदि आप डोमेन्स भी नही खरीदना चाहते तो आप blogger के फ्री डोमेन से भी काम चला सकते है .

blogger.com पर फ्री में ब्लॉग बनाने के लिए आप हमारा यह आर्टिकल भी पढ़ सकते है - ब्लॉगर पर ब्लॉग कैसे बनाये.

ब्लॉग से ऑनलाइन पैसा कैसे कमाये / How To Make Money With Blog in Hindi -

आप अपने ब्लॉग पर विज्ञापन (ऐड) लगाकार पैसा कमा सकते है . ऐसे बहुत से ऐड नेटवर्क है जहाँ से आप अपने ब्लॉग पर ऐड लगा सकते है . इसके लिए आपको अपनी साईट या ब्लॉग पर ऐड नेटवर्क से अप्रूवल लेना पड़ता है . प्रत्येक ऐड नेटवर्क के अपने नियम एवं शर्ते होती है . यदि आपका ब्लॉग इन सभी नियम एवं शर्तो को पूरा करता है तो आपको ऐड लागने के लिए अप्रूवल दे दिया जाता है .

कुछ प्रमुख ऐड नेटवर्क है जैसे Google Adsense , Media.Net , Infolinks , Chitika , adzebra , आदि.
इनमे सबसे ज्यादा पोपुलर Google Adsense है. यह सबसे ज्यादा विश्वसनीय ऐड नेटवर्क है . यह समय पर पब्लिशर को पैसा भेजता है . इसका CPC यानि Cost Per Click सबसे ज्यादा होता है अन्य ऐड नेटवर्क की अपेक्षा.
आप बात करते है पैसा कैसे मिलता है - जब भी कोई विजिटर आपकी साईट पर लगे ऐड को क्लिक करता है तो आपको प्रति क्लिक के हिसाब से पैसे मिलते है . 

अलग अलग टॉपिक के ऊपर बने ब्लॉग के लिए ऐड का रेट अलग - अलग होता है . जैसे एजुकेशन ब्लॉग पर आपको टेक ब्लॉग की अपेक्षा कम पैसा मिलता है . जबकि हेल्थ , इन्सुरेंस आदि टॉपिक वाले ब्लॉग पर आपको ऐड क्लिक के पैसे ज्यादा मिलते है .

आशा करता हु आपको इस पोस्ट में दी गयी "ब्लॉग क्या होता है | ब्लॉग से पैसे कैसे कमाये | What Is Blog In Hindi | How To Make Money With Blog In Hindi" जानकारी पसंद आई होगी . यदि आपको Google Adsense अकाउंट बनाने  में कोई परेशानी हो रही है हमें comment करके बताये हम आपकी सहायता करेंगे .

ब्लॉग क्या होता है | ब्लॉग से पैसे कैसे कमाये | What Is Blog In Hindi | How To Make Money With Blog In Hindi- ब्लॉग क्या होता है | ब्लॉग से पैसे कैसे कमाये | What Is Blog In Hindi | How To Make Money With Blog In Hindi- Reviewed by Virendra Singh on October 04, 2019 Rating: 5

Hindi Sad Shayari Collection | Hindi Quotes

September 09, 2019

Hindi Quotes , Hindi Shayari - Sad Shayari Collection In Hindi -


हम ना बदलेंगे वक्त की रफ़्तार के साथ ,
जब भी मिलेंगे अंदाज वही पुराना होगा .

 जिसके नसीब में हो सिर्फ जमाने की ठोकरे ,
उस बदनसीब से ना सहारे की बात कर .

पलट कर  ना बोलने का मतलब यह बिल्कुल भी नहीं की जवाब नही मेरे पास ..
मगर कई बार रिश्ते को जिताने के लिए खुद का खामोश रहकर हार जाना बेहतर होता है ..

Best Hindi Shayari Collection / Shayari In Hindi -

  • सोच कर ये मंदिर मस्जिद भी दंग है, हमें पता भी नहीं और हमारी जंग है.
  • तेरा घमंड तुझे ही हराए गा, में क्या हूं ये तुझे वक़्त बताएगा.
  • “ना जाने इतनी मुहब्बत कहां से आई है उसके लिये, कि मेरा दिल भी उसकी खातिर मुझसे रूठ जाता है”.
  • “दिल में प्यार का आगाज हुआ करता है,बातें करने का अंदाज हुआ करता है,जब तक दिल को ठोकर नहीं लगती, सबको अपने प्यार पर नाज हुआ करता है!”.
  • “जब मैने उनसे कहा कि तुम पर प्यार आता है, तो वो मुस्करा कर बोली तुम्हे और आता ही क्या है”.


        Hindi Sad Shayari Collection | Hindi Quotes Hindi Sad Shayari Collection | Hindi Quotes Reviewed by Virendra Singh on September 09, 2019 Rating: 5

        How To Check Jio Balance In Hindi | JIO का बैलेंस कैसे चेक करे -

        July 28, 2019
        स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग www.upyogijankari.com पर यहाँ पर हम विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों से सम्बंधित उपयोगी जानकारियाँ आप लोगो के साथ साझा करते है . आज इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको बताने वाले है कैसे आप अपने JIO नंबर का बैलेंस चेक कर सकते है .
        How To Check Jio Balance In Hindi | JIO का बैलेंस कैसे चेक करे -

        JIO नंबर का बैलेंस कैसे चेक करे -

        वैसे तो JIO नंबर का बैलेंस चेक करने के कई तरीके है . जैसे - 
        • My JIO  App
        • Give Miss Call on 1299.
        • Call on 199.
        यहाँ पर हम इन सभी तरीको के बारे में आपको बतायेंगे कैसे आप इनसे अपने जिओ नंबर का बैलेंस चेक कर सकते है .

        My Jio App से अपने JIO नंबर का बैलेंस कैसे चेक करे - My Jio App को आप प्ले स्टोर से  डाउनलोड कर सकते है . डाउनलोड करने के  बाद  आपको अपने नंबर की सहायता से App पर अपना अकाउंट बनाना होगा . अकाउंट बनाने के बाद आपको App पर कई सारे आप्शन मिल जाते है जैसे - Account Details : जिसमे आप  अपने नंबर पर एक्टिव प्लान की वैलिडिटी , एक्सपायरी डेट , डाटा बैलेंस , SMS बैलेंस आदि चेक कर 
        सकते है .
        इसके आलावा यहाँ पर आपको कई अन्य आप्शन जैसे - ऑनलाइन रिचार्ज , कूपन आदि की भी सुविधा मिलती है .

        1299 नंबर से अपने JIO नंबर का बैलेंस कैसे चेक करे - अपने मोबाइल फ़ोन से 1299 डायल करके भी आप अपने JIO नंबर का बैलेंस चेक कर सकते है . बस आपको अपने JIO नंबर से 1299 डायल करना है . 
        How To Check Jio Balance In Hindi | JIO का बैलेंस कैसे चेक करे -


        डायल करते ही आपकी काल डिसकनेक्ट हो जाएगी . काल डिसकनेक्ट होने के बाद आपको अपने मोबाइल पर एक SMS प्राप्त होगा जिसमे आपके मोबाइल नंबर एक्टिव प्लान की जानकारी जैसे - वैलिडिटी , एक्सपायरी डेट , डाटा बैलेंस , SMS बैलेंस आदि की जानकारी मिल जाएगी .

        How To Check Jio Balance In Hindi | JIO का बैलेंस कैसे चेक करे -
        इस तरह आप 1299 डायल करके अपने JIO नंबर की Account Details Check कर सकते है .

        199 पर कॉल / SMS करके अपना JIO नंबर का बैलेंस कैसे पता करे - 199 पर काल करके भी आप अपने जिओ नंबर की  अकाउंट डिटेल्स चेक कर सकते है . इसके अलावा आप 199 पर SMS करके भी अपना 
        बैलेंस चेक कर सकते है . इसके लिए आपको बस टाइप करता है - BAL और इसे अपने JIO नंबर से 199 पर Send करना है . इसके बाद आपके मोबाइल पर JIO की तरफ से एक SMS प्राप्त होगा जिससे आपको आपके नंबर से जुडी सभी डिटेल्स जैसे डाटा बैलेंस , प्लान डिटेल्स , एक्सपायरी डेट , SMS बैलेंस की जानकारी मिल जाएगी .

        आशा करते है इस पोस्ट में दी गयी जानकारी "How To Check Jio Balance In Hindi | JIO का बैलेंस कैसे चेक करे" उपयोगी सिद्ध हुई होगी . यदि आपको अपने JIO Number पर बैलेंस चेक करने में परेशानी हो रही है तो आप हमें कमेंट के माध्यम से अपना सवाल पूछ सकते है . हम आपकी सहायता अवश्य करेंगें.

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        थॉमस अल्वा एडिसन का जीवन परिचय एवं अनमोल विचार , Thomas Alva Edison Biography and Quotes In Hindi

        June 23, 2019
        थॉमस एल्वा एडिसन को आज एक महान वैज्ञानिक के रूप में पुरे विश्व में जाना जाता है . एडिसन  का नाम लिए बैगेर मानो साइंस ही अधूरी लगती है . एडिसन का साइंस के क्षेत्र में बड़ा योगदान है . ये एक महान अमरीकी आविष्कारक एवं व्यवसायी थे .

        Thomas Alva Edison Biography In Hindi -


        महान् आविष्कारक थामस ऐल्वा एडिसन का जन्म ओहायो राज्य के मिलैन नगर में 11 फ़रवरी 1847 ई. को हुआ था. एडिसन बचपन से पढने में तेज और कुशाग्र बुद्धि के थे . इन्होने छह वर्षो तक घर में रह कर ही शिक्षा प्राप्त की इनकी माता ने इनको पढ़ाया . इन्होने केवल 3 महीने स्कूल में शिक्षा ग्रहण की फिर भी एडिसन ने ह्यूम, सीअर, बर्टन, तथा गिबन के महान ग्रंथों एवं डिक्शनरी ऑव साइंसेज़ का अध्ययन 10वें जन्मदिवस तक पूर्ण कर लिया था.

        एडिसन का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था . मात्र 12 वर्ष की आयु में उन्होंने फल बेचने एवं समाचार पत्र बाँटने का काम शुरू करके अपने परिवार के लिए आर्थिक सहयोग करने लगे . वे रेल में पत्र छापते और वैज्ञानिक प्रयोग करते थे  . उन्होंने तार प्रेषण में निपुणता प्राप्त कर 20 वर्ष की आयु तक, एडिसन ने तार कर्मचारी के रूप में नौकरी करने लेगे . नौकरी  से बचे समय को एडिसन ने प्रयोग और परीक्षण में लगाया.

        एडिसन ने 14 कंपनियों की स्थापना की जिनमे जनरल इलेक्ट्रिक भी एक है, जनरल इलेक्ट्रिक आज  दुनिया की सबसे बड़ी व्यापर करने वाली कंपनी के नाम से जानी जाती है. थॉमस अल्वा एडिसन एक अमेरिकी अविष्कारक और व्यापारी के रूप में जाना जाता है . उन्होंने अनेक यंत्र एवम युक्तिया विकसित की जिनसे संसार भर में लोगो के जीवन में भारी बदलाव लाने का कार्य किया है . विद्युत् बल्ब तथा फोनोग्राफ सहित इन्होने हजारो आविष्कार किये .  उन्हें पहली औद्योगिक अनुसंधान प्रयोगशाला स्थापित करने का श्रेय भी दिया जाता है.

        एडिसन के प्रमुख पेटेंट एवं आविष्कार -


        • 1869 ई. में एडिसन ने अपने सर्वप्रथम आविष्कार "विद्युत मतदानगणक" को पेटेंट कराया था.
        • एडिसन ने एक ही तार पर चार, छह, संदेश अलग अलग भेजने की विधि खोजी, स्टॉक एक्सचेंज के लिए तार छापने की स्वचालित मशीन को सुधारा, तथा बेल टेलीफोन यंत्र का विकास किया.
        • 1883 ई. में "एडिसन प्रभाव" की खोज की, जो कालांतर में वर्तमान रेडियो वाल्व का जन्मदाता सिद्ध हुआ.
        • 21 अक्टूबर 1879 ई. को एडिसन ने 40 घंटे से अधिक समय तक बिजली से जलनेवाला निर्वात बल्ब विश्व को भेंट किया.

        • प्रथम विश्वयुद्ध में एडिसन ने जलसेना सलाहकार बोर्ड का अध्यक्ष बनकर 40 युद्धोपयोगी आविष्कार किए.
        • एडिसन में US के 1093 पेटेंट्स कराये इसके अलावा यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और जर्मनी में भी उनके कई सारे पेटेंट्स है.
        18 अक्टूबर 1931 ई० को इस महा मानव ने इस संसार से विदा ले ली . थॉमस अल्वा एडिसन को इनके महान अविष्कारों के लिए जो उन्होंने अथक परिश्रम और कड़ी मेहनत के द्वारा मानव जाती की भलाई के लिए समर्पित किये . इसके लिए उन्हें हमेशा पुरे विश्व में याद रखा जायेगा.

        Thomas Alva Edison Quotes In Hindi , थॉमस एल्व एडिसन के अनमोल विचार -


        1. "जीवन में असफल हुए कई लोग वे होते है जिन्हें इस बात का आभास नही होता की , जब उन्होंने हार मान ली तो वे सफलता के कितने करीब थे ."  - थॉमस अल्वा एडिसन.

        2. " में असफल नही हुआ हु मैंने सिर्फ 1000 हजार ऐसे तरीके खोजे है जो काम नही करते है " - Thomas Elva Edison.

        3. "कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नही है " - थॉमस अल्वा एडिसन.

        4. "यदि हम हर वो चीज कर दें जिसके हम सक्षम हैं, तो सचमुच हम खुद को चकित कर देंगे". - थॉमस अल्वा एडिसन.
                                                                     
        5. "मैंने अपने जीवन में एक भी दिन काम नहीं किया. ये सब मनोरंजन था.   - थॉमस अल्वा एडिसन.
                                                                   
        6. "मुझे इस तथ्य पर गर्व है कि मैंने कभी भी हत्या करने के लिए हथियारों का आविष्कार नहीं किया. - थॉमस अल्वा एडिसन.
                                                                   
        7. "मैं वहां से शुरू करता हूँ जहाँ से आखिरी व्यक्ति ने छोड़ा था".  - थॉमस अल्वा एडिसन.

        8. "एक शानदार आईडिया चाहते हो तो ढेर सारे आइडियाज सोचो." - थॉमस अल्वा एडिसन.

        9. "एक विचार विकसित करने वाला लगभग हर आदमी उस बिंदु तक काम करता है जहां यह असंभव दिखता है, और फिर वह निराश हो जाता है। वह निराश होने की जगह नहीं है.   - थॉमस अल्वा एडिसन.

        10. "प्रकृति वास्तव में अद्भुत है. केवल इंसान वास्तव में बेईमान है." - थॉमस अल्वा एडिसन.


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        1 दिन में हमें कितनी कैलोरी लेनी चाहिए | वजन कम करने एवं बढ़ाने के लिए कितनी कैलोरी ले -

        June 22, 2019
        हमारे शरीर को विभिन्न प्रकार की गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए उर्जा की आवश्यकता पड़ती है जो हमें भोजन से मिलती है . उर्जा को कैलोरी में मापा जाता है . इसलिए हम कैलोरी की बात करते है की हमें प्रतिदिन कितनी कैलोरी की जरूरत पड़ती है .

        1 दिन में हमें कितनी कैलोरी लेनी चाहिए | वजन कम  करने एवं बढ़ाने  के लिए कितनी कैलोरी ले -


        कैलोरी की जरूरत विभिन्न कारको जैसे -
        • Weight (वजन) ,
        • Age (उम्र) , 
        • Activity Level ( सक्रियता स्तर ) . 
        • Gender (लिंग) 

        पर निर्भर करती है . हर व्यक्ति के लिए कैलोरी की जरूरत अलग - अलग होती है . जिस व्यक्ति का वजन अधिक होगा उसे ज्यादा कैलोरी की आवश्यकता पड़ती है . वही दूसरी तरफ एक्टिविटी लेवल का भी पैमाना होता है जो लोग हार्ड वर्क यानि  (Physical Work) ज्यादा करते है उन्हें अधिक कैलोरी की आवश्यकता होती है उन लोगो की अपेक्षा जो सामान्यता हल्का फुल्का काम करते है .

        कैलोरी की आवश्यकता आयु एवं लिंग पर भी निर्भर करती है . बच्चो एवं किशोर अवस्था में अधिक कैलोरी की जरूरत होती है जबकि वृधावस्था में कम कैलोरी की आवश्यकता होती है . वहीँ महिलाओ की अपेक्षा पुरुषो को ज्यादा कैलोरी की जरूरत पड़ती है .

        1 दिन में हमें कितनी कैलोरी लेनी चाहिए -

        वैसे तो कैलोरी की मात्रा - वजन , लिंग , आयु , सक्रियता स्तर पर निर्भर करती है लेकिन एक स्वस्थ पुरुष जिसकी आयु 18 से 35 के बीच हो और वजन अधिकतम 60  Kg - 65 Kg तक हो और Activity Level हाई यानी जो Physical Work करता है उसे प्रतिदिन 2500 कैलोरी लेनी चाहिए. अगर Activity Level Low हो तो उसे प्रतिदिन 2000 कैलोरी लेनी चाहिए.

        एक स्वस्थ महिला जिसकी आयु 18 से 35 के बीच हो जिसका Activity Level High और वजन 60 Kg से 65 Kg हो उसे प्रतिदिन 2000 कैलोरी लेनी चाहिए . यदि Activity Level Low हो तो 1700 - 1800 कैलोरी  लेनी चाहिए. 

        आप BMR कैलकुलेटर की सहायता से भी अपनी कैलोरी की जरूरत का पता लगा सकते है . BMR यानि Basal Metabolic Rate - से आपकी आपकी Daily Calorie Requirement का पता लगाया जा सकता है . यह कैलकुलेटर आपके लम्बाई , वजन , आयु , लिंग के आधार पर कैलोरी की आवश्यकता की गणना करता है .

        वजन कम करने के लिए कितनी कैलोरी ले -

        How much calories should be consumed for weight loss - यदि आपका वजन सामान्य से ज्यादा है .और आप वजन कम करना चाहते है तो आपको प्रतिदिन के हिसाब से कैलोरी की कमी करनी होगी . आप 7000 कैलोरी बर्न ( कम ) करके 1 किलो वजन कम कर सकते है . यदि आप प्रति दिन 700 कैलोरी की कमी करते है  तो आप 10 दिन में 1 किलो वजन कम कर सकते है . व्यायाम और खाने में कटौती करके आप कैलोरी को कम कर सकते है . ध्यान दे यदि आपको वजन स्थिर रखने के लिए 2500 कैलोरी की आवश्यकता है तो आप 300 कैलोरी खाने में कम कर सकते है और 400 कैलोरी व्यायाम की सहायता से बर्न यानि घटा सकते इसप्रकार आप प्रतिदिन 700 या इससे अधिक कैलोरी की कमी कर सकते है . कैलोरी की गणना के लिए ध्यान रखे की आप जो भी खा रहे है उसमे कितनी कैलोरी है इसके लिए आप कैलोरी चार्ट की सहायता ले सकते है .

        Read Also - भारतीय भोजन कैलोरी चार्ट .


         वजन बढ़ाने के लिए कितनी कैलोरी ले -

         How much calories should be consumed for weight gain - यदि आपका वजन सामान्य से कम है और आपको वजन बढ़ाने की आवश्यकता है तो आपको ज्यादा कैलोरी की आवश्यकता होगी . ठीक उसी तरह जिस तरह वजन कम करने के लिए कैलोरी में कटौती करनी पड़ती यहाँ पर वजन बढ़ाने के लिए कैलोरी बढ़नी पड़ेगी. 1 किलो वजन बढ़ाने के लिए आपको 7000 कैलोरी अतिरिक्त लेनी पड़ेगी. यदि आप 10 दिन में 1 किलो वजन बढ़ाना चाहते है तो आपको 700 कैलोरी एक्स्ट्रा प्रतिदिन के हिसाब से अपने डाइट में ऐड करनी पड़ेगी. वजन बढ़ाने के चक्कर में अनहेल्दी फ़ूड ना खाए हेल्दी फ़ूड खाकर भी आप अपना वजन बढ़ा सकते है.

        कैलोरी से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ -
        Important Information Related to Calorie Consumption - आपके लिए यह जानना जरूरी है की प्रत्येक 1 ग्राम प्रोटीन एवं 1 ग्राम कार्बोहाइड्रेट्स से हमें 4 कैलोरी मिलती है . जबकि 1 ग्राम फैट से हमें 9 कैलोरी मिलती है . इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन के अनुसार वयस्क व्यक्ति को कार्बोहाइड्रेट से अपने दैनिक कैलोरी का 45 से 65 प्रतिशत तक  लेना चाहिए.

        इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन के अनुसार वयस्कों को प्रोटीन से अपनी ऊर्जा का 10 से 35 प्रतिशत सेवन करना चाहिए तथा वसा से अपने दैनिक कैलोरी का 20 से 35 प्रतिशत भाग ग्रहण करना चाहिये.

        यदि आपको हमारे  द्वारा दी गयी जानकारी "1 दिन में हमें कितनी कैलोरी लेनी चाहिए" हो तो इस पोस्ट  को शेयर जरूर करे . इस विषय से सम्बंधित कोई भी  प्रश्न पूछने के लिए हमें Comment करके बताएं.

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        कोलेस्ट्रोल क्या होता है | कोलेस्ट्रोल बढ़ने से होने वाले नुकसान एवं कोलेस्ट्रोल कम करने के प्राकृतिक उपाय -

        June 21, 2019
        कोलेस्ट्रोल क्या होता है ? -  कोलेस्ट्रोल एक प्रकार की वसा है जो हमारे लीवर (यकृत) में बनता है . यह मोम के जैसा होता है जो हमारे शरीर की विभिन्न गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक होता है .
        यह कोशिका झिल्ली का महत्वपूर्ण भाग होता है कोशिका झिल्ली को प्राग्म्यता एवं तरलता बनाये रखने के लिए कोलेस्ट्रोल की आवश्यकता होती है .

        कोलेस्ट्रोल क्या होता है  | कोलेस्ट्रोल बढ़ने से होने वाले नुकसान एवं कोलेस्ट्रोल कम करने के प्राकृतिक उपाय -


        कोलेस्ट्रोल रक्त प्लाज्मा द्वारा शरीर के विभिन्न हिस्सो में पहुंचता है . कोलेस्ट्रॉल शरीर में विटामिन डी, हार्मोन्स और पित्त का निर्माण करता है, जो शरीर के अंदर पाए जाने वाले वसा को पचाने में मदद करता है . 20 से 25  प्रतिशत कोलेस्ट्रोल  शरीर में यकृत द्वारा बनता है जबकि  भोजन में मांसाहारी आहार के माध्यम से भी पहुंचता है यानी अंडे, मांस, मछली और डेयरी उत्पाद इसके प्रमुख स्रोत हैं . अनाज, फल और सब्जियों में कोलेस्ट्रॉल नहीं पाया जाता.

        कोलेस्ट्रोल रक्त में घुलनशील नही होता है . शरीर में इसकी मात्रा यदि ज्यादा बढ़ जाए तो यह शरीर में रक्त के प्रवाह को कम कर देता है  जिससे  हमें कई बिमारी होने का खतरा भी बढ़ जाता है जैसे - उच्च रक्तचाप  (High Blood Pressure), हृदय आघात (Heart Attack) , जोड़ो में दर्द आदि .

        कोलेस्ट्रोल के प्रकार (Types of Cholesterol in Hindi) -

        कोलेस्ट्रोल 3 प्रकार का होता है -

        1. LDL (एल डी एल) - लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन (Low Density Lipoprotien ) या  निम्न घनत्व कोलेस्ट्रोल -  यह कोलेस्ट्रोल का एक प्रकार  है जो सबसे ज्यादा हानिकारक माना जाता है . इसका निमार्ण  हमारे शरीर में लीवर के द्वारा होता है यह वसा को  लीवर से शरीर अन्य भागो जैसे मांसपेशियों , उत्तको , इन्द्रियों तथा ह्रदय तक पहुंचता है . रक्त में LDL की मात्रा ज्यादा होने पर यह रक्त नलिकाओं में   जमने लगता  है जिससे  रक्त प्रवाह का मार्ग रूक जाता है और   रक्त प्रवाह की दर में कमी हो  सकती है कभी कभी LDL कोलेस्ट्रोल का लेवल ज्यादा होने पर यह रक्त  नालिकाओ के छिद्रों को पूर्णतया बंद कर देता है जिसके  
        कारण Heart Attack (हृदय अघात / दिल का दौरा) पड़ता है . रक्त में LDL का सामान्य स्तर 100 मिलीग्राम / डीएल से कम होना चाहिए.

        2. HDL (एच डी एल) - उच्च डेंसिटी लिपोप्रोटीन (High Density Lipoprotien) या उच्च घनत्व कोलेस्ट्रोल - यह कोलेस्ट्रोल का द्वित्य  प्रकार है जो की अच्छा कोलेस्ट्रोल मन जाता है . इसका निर्माण हमारे  शरीर के अन्दर लीवर में होता है .HDL कोलेस्ट्रॉल और पित्त को ऊतकों और इंद्रियों से रीसायकल करता है और वापस लीवर में पहुंच जाता है . HDL कोलेस्ट्रॉल की मात्रा का अधिक होना  अच्छा संकेत माना जाता  है, क्योंकि इससे हृदय के स्वस्थ होने का पता चलता है.

        उच्च घनत्व कोलेस्ट्रोल के उत्तम स्रोत है  - मछली का तेल, सोयाबीन उत्पाद, एवं हरी पत्तेदार सब्ज़ियां  इनके लगातार सेवन से हम HDL लेवल बढ़ा सकते है . इसके अतिरिक्त व्यायाम करने से भी HDL लेवल बढाया जा सकता है जैसे   -  सप्ताह में पांच दिन, एवं प्रत्येक बार लगभग 30 मिनट के लिए ऐरोबिक व्यायाम (पैदल चलना, दौड़ना, सीढ़ी चढ़ना आदि) करें तो केवल दो महीनों में एचडीएल 5 प्रतिशत तक बढ़ा सकते हैं।

        HDL लेवल बढ़ाने के लिए अन्य उपाय जैसे - धूम्रपान कम या बंद करने भर से HDL 10 प्रतिशत तक बढ़ सकता है . वज़न कम करना भी अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने का अन्य सबसे अच्छा तरीका है.

        3. VLDL (वी एल डी एल) - वैरी लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन ( Very Low Density Lipoprotien ) या अत्यधिक निम्न घनत्व लिपोप्रोटीन यह कोलेस्ट्रोल का तीसरा प्रकार है जो सबसे ज्यादा हानिकारक कोलेस्ट्रोल माना जाता है . हार्ट अटैक (Heart Attack) एवं दिल की बीमारियों के लिए VLDL सबसे ज्यादा जिम्मेवार होता है .


        कोलेस्ट्रोल का सामान्य स्तर कितना होता है / Normal level Of Cholesterol in Body - 

        हमारे रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर 3.6 मिलिमोल्स प्रति लिटर से 7.8 मिलिमोल्स प्रति लीटर के बीच होता है. 6 मिलिमोल्स प्रति लीटर कोलेस्ट्रॉल को उच्च माना जाता है . 7.8 मिलिमोल्स प्रति लीटर से ज्यादा कोलेस्ट्रॉल को अत्यधिक उच्च कोलेस्ट्रॉल का स्तर माना जाता है .

        कोलेस्ट्रोल बढ़ने के कारण -

        यदि आपका कोलेस्ट्रोल लेवल बढ़ा हुआ है तो आपको कोलेस्ट्रोल बढ़ने के कारणों के बारे में भी जरूर जान लेना चाहिए - 

        • शरीर का वजन की अति वृद्धि - यदि आपका वजन आपके शरीर की लम्बाई के अनुपात में सही नहीं है तो आपका कोलेस्ट्रोल लेवल बढ़ सकता है . अपने शरीर का BMI इंडेक्स जरूर चेक करे .
        • अधिक मात्रा में वसा युक्त भोजन सेवन करने से भी कोलेस्ट्रोल लेवल बढ़ने की सम्भावना ज्यादा रहती है .
        • खानपान में लापरवाही के कारण भी कोलेस्ट्रोल लेवल बढ़ सकता है .
        • कोलेस्ट्रोल लेवल बढ़ने का सबसे बड़ा कारण नियमित रूप से  व्यायाम का अभाव है .
        • आनुवांशिक कारण -  अगर किसी परिवार के लोगों में अधिक कोलेस्ट्रॉल की समस्या होती है तो अगली पीढ़ी में भी इसकी मात्रा अधिक होने की आशंका रहती है.
        • उम्र बढ़ने के कारण - कई लोगों में शरीर में कोलेस्ट्रॉल उम्र के साथ भी बढ़ता  जाता है.

        कोलेस्ट्रोल लेवल कम करने के प्राकृतिक उपाय -

        यदि आपका कोलेस्ट्रोल लेवल बढ़ा हुआ है तो इन बातो पर ध्यान दे -
        • अगर आपका वजन समान्य से ज्यादा है तो सबसे पहले अपने वजन को नियंत्रित करे . अपना वजन कम करे .
        • भरपूर नींद ले . कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद ले.
        • फाइबर युक्त भोजन का सेवन करे . हरी सब्जिया एवं फलो का सेवन अधिक करे .
        • धुम्रपान से बचे . हो सके तो कम से कम करे .
        • नियमित रूप से व्यायाम करे .
        • ज्यादा चर्बी युक्त भोजन  का सेवन ना करे . 
        इस प्रकार से आप कोलेस्ट्रोल लेवल कम कर सकते है . यदि आपको हमारे  द्वरा दी गयी जानकारी "कोलेस्ट्रोल क्या होता है  , What Is Cholesterol in Hindi " हो तो इस पोस्ट  को शेयर जरूर करे . इस विषय से सम्बंधित कोई भी  प्रश्न पूछने के लिए हमें Comment करके बताएं.

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        June 19, 2019
        उच्च रक्त चाप यानी High Blood Pressure आज के समय में एक बड़ी समस्या बन चूका है . पहले यह समस्या उम्रदराज लोगो में ही अधिकतर देखने को मिलती थी लेकिन फ़िलहाल के Time में खराब जीवन शैली और खानपान , तनाव , व्यायाम ना करने के कारण बहुत से युवाओं में भी उच्च रक्त चाप ( High Blood Pressure ) की समस्या आम होती जा रही है .

        What-Is-High-Blood-Pressure-in-Hindi


        आज इस पोस्ट के माध्यम से हां आपको बतायेंगे - उच्च रक्त चाप यानि  ( High Blood Pressure ) क्या होता है और इसके क्या लक्षण होते है , इससे हमारे स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है , उच्च रक्त चाप को कम कैसे किया जा सकता है व इस समस्या से कैसे बचा जा सकता है . इस समस्या से बचने के लिए हमें अपनी जीवन शैली में क्या क्या परिवर्तन करने चाहिए .

        उच्च रक्त चाप  ( What is High Blood Pressure in Hindi ) क्या होता है -

        उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) ऐसी  चिकित्सीय स्थिति है  जिसमें धमनियों में रक्त का दबाव बढ़ जाता है . दबाव की इस वृद्धि के कारण, रक्त की धमनियों में रक्त का प्रवाह बनाये रखने के लिये ह्रदय (Heart) को सामान्य से अधिक काम करना पड़ता है . यदि रक्त वाहिकाओं में दबाव अधिक होता है, तो हृदय को रक्त को पंप करने में ज्यादा काम करना पड़ता है. यदि इसे अनियंत्रित छोड़ दिया जाएं, तो उच्च रक्तचाप हृदयाघात (Heart Attack) , हृदय की मांसपेशियों में वृद्धि और हृदय विफलता उत्पन्न कर सकता है . 

        रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) में उच्च दबाव के कारण सूजन (धमनीविस्फार) और हल्के धब्बे विकसित हो सकते हैं, जिससे अवरोधक (क्लाग) और टूटन की संभावना अधिक होती है . रक्त वाहिकाओं में दबाव के कारण मस्तिष्क में रक्त का रिसाव भी हो सकता है। इसके कारण स्ट्रोक हो सकता है. 

        उच्च रक्तचाप के कारण गुर्दे की विफलता, अंधापन, रक्त वाहिकाओं का टूटना और संज्ञानात्मक हानि भी हो सकती है. रक्तचाप में दो माप शामिल होती हैं, सिस्टोलिक और डायस्टोलिक, जो इस बात पर निर्भर करती है कि हृदय की मांसपेशियों में संकुचन (सिस्टोल) हो रहा है या धड़कनों के बीच में तनाव मुक्तता (डायस्टोल) हो रही है। आराम के समय पर सामान्य रक्तचाप (Blood Pressure) 100-140 mmHg सिस्टोलिक (उच्चतम-रीडिंग) और 60-90 mmHg डायस्टोलिक (निचली-रीडिंग) की सीमा के भीतर होता है.  उच्च रक्तचाप तब उपस्थित होता है यदि यह 90/140 mmHg पर या इसके ऊपर लगातार बना रहता है .

        उच्च रक्तचाप के लक्षण (Symptoms of High Blood Pressure in Hindi) - 

        उच्च रक्त चाप की समस्या होने पर निम्न लक्षण दिखाई देते है -
        • कभी-कभी उच्च रक्तचाप के कारण सिरदर्द हो सकता है , 
        • सांस की तकलीफहो सकती है  , 
        • चक्कर आ सकते है  , 
        • सीने में दर्द का महसूस होना, 
        • हृदय की धड़कन बढ़ना और नाक बहना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं.

        यदि आपको ये लक्षण ज्यादा दिखाई दे तो इन लक्षणों को नजरअंदाज ना करे इनको नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है, तरुंत किसे अच्छे चिकित्सक से सलाह ले.

        उच्च रक्त चाप को कैसे कम किया जा सकता है व इससे कैसे बचा जा सकता है -

        अपने दैनिक जीवन शैली में बदलाव करे . खानपान एवं व्यायाम पर विशेष ध्यान दे जैसे - हरी सब्जिया एवं फल ज्यादा खाए , रेगुलर व्यायाम करे . नमक का सेवन कम करे . पैदल ज्यादा चले . तनाव कब ले तथा गुस्से पर काबू रखे . अच्छी नींद ले कम से कम 7 से आठ घंटे की नींद अवश्य ले .
        अपना BP रेगुलर बेस पर चेक करवाते रहे . BP बढ़ने / उच्च रक्त चाप की समस्या होने पर किसी अच्छे प्रशिक्षित चिकित्सक से मिले और और अपना उपचार करवाए . बताये गए गए बातो का अनुसरण करे . 

        उच्च रक्त चाप की  समस्या से बचने के लिए हमें अपनी जीवन शैली में क्या क्या परिवर्तन करने चाहिए -

        यह समस्या असयांमित खानपान और ख़राब जीवन शैली की वजह से ज्यादा होती है . इस समस्या से बचने के लिए सबसे जरूरी है हमें अपने लाइफ स्टाइल यानी जीवन शैली में बड़ा परिवर्तन करना .उच्च रक्त चाप की  समस्या से बचने के लिए क्या करे और क्या ना करे -
        • इस समस्या से बचने के लिए अपने जीवन में तनाव कम करे हमेशा तनाव मुक्त रहने की कोशिश करे .
        • सुबह जल्दी उठकर व्यायाम करे . सुबह शाम पैदल चले और रोजाना पैदल घुमने की आदत डाले.
        • रात को जल्दी सोने की कोशिश करे और सुबह जल्दी उठने की आदत डाले.
        • फ़ास्ट फ़ूड एवं तले भुने भोजन , मिर्च मसाले एवं खाने में नमक का सेवन कम करे .
        • खाने में लहसून , प्याज , सोयाबीन , साबुत अनाज , फल और हरी सब्जियों का  प्रयोग करे .
        •   चीनी, रिफाइंड खाद्य पदार्थ, तली-भुनी चीजें , डेयरी उत्पाद,और जंक फूड से हमेशा बचकर रहें ,  इनका सेवन आपके लिए बहुत ज्यादा हानिकारक है .
        • गुस्सा कम करे गुस्सा करने रक्त चाप ज्यादा हो जाता है इसलिए अपने गुस्से पर नियंत्रण करना सीखे नही तो इससे आपको ज्यादा नुकशान हो सकता है .
        • यदि आपका वजन ज्यादा है तो अपना वजन कम करे . इसके लिए अपना BMI लेवल चेक करे . BMI लेवल से आप जान सकते है की आपकी लम्बाई के हिसाब से आपका वजन सही है या नही . 
        • दिन में कम से कम 8 से 10 ग्लास पानी जरूर पिए व चाय व काफी का सेवन ना करे .
        आशा करता हु मेरे द्वारा दी गयी जानकारी " What is High Blood Pressure in Hindi " आपके लिए उपयोगी सिद्ध हुई होगी. हमें कमेंट करके बताये . हो सके तो इस पोस्ट को शेयर जरूर करे -

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