Mat Khelo Mere Jajbato se

मत खेलो मेरे जज़्बातों से यारों...
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बहुत नाज़ुक मिजाज़ हूँ....
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तुम्हें ख़बर भी न होगी और,
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यूँ ही.. हँसते-हँसते
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रेपटा धर दूँगा,
 क्या मतलब निकलेगा फिर....!

Mat Khelo Mere Jajbato se Mat Khelo Mere Jajbato se Reviewed by Virendra Singh on August 21, 2017 Rating: 5

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