एक हसीन का खाब हो तुम - लव शायरी


Ek Haseen Sa Khab Ho Tum,

Gujre Kal Ki Yad Ho Tum ,

Bahti Nadi Ki Dhara Ho Tum ,

Sahil Me Dubi Kisi Ka Kinara Ho Tum ...



एक हसीन सा खाब हो तुम,

गुज़रे कल की याद हो तुम,

बहती नदी की धरा हो तुम,

साहील में डूबी किस्ती का किनारा हो तुम..

एक हसीन का खाब हो तुम - लव शायरी एक हसीन का खाब हो तुम - लव शायरी Reviewed by Virendra Singh on July 13, 2017 Rating: 5

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