बेवफा शायरी - Best Collection



मोहब्बत के हवाले से बहुत जालिम हो तुम…
 तोड़ देते हो मुझें अपने वादें की तरह…


बड़े शौक से उतरे थे हम समंदर-ए-इश्क में,
 एक लहर ने ऐसा डुबोया कि फिर किनारा ना मिला…

तुमने क्या सोचा कि तुम्हारे सिवा कोई नही मुझे चाहने वाला,
 पगली छोङ कर तो देख, मौत तैयार खङी है मुझे अपने सीने लगाने के लिए…

तुम अपने ज़ुल्म की इन्तेहाँ कर दो,
 फिर कोई हम सा बेजुबां मिले ना मिले…

कभी खामोश बैठोगे कभी कुछ गुनगुनाओगे,
 मै उतना याद आउगाँ जितना तुम मुझे भुलाओगे…
बेवफा शायरी - Best Collection बेवफा शायरी - Best Collection Reviewed by Virendra Singh on June 20, 2017 Rating: 5

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