रजनीकांत की मुर्गी

रजनीकांत: ए मुर्गी, जल्दी से तीन अंडे दे!

बहुत देर तक इंतजार करने पर आखिर रजनीकांत को एक ही अंडा मिला।

रजनीकांत: ओए मुर्गी, मैंने तुझसे तीन अंडे मांगे थे और तूने सिर्फ एक ही क्यों दिया?

तुझे मुझसे डर नहीं लगता क्या?

. . . 'डर लगता है, तभी तो एक अंडा दिया! ...वरना मैं तो मुर्गा हूं!', मुर्गा बोला।
रजनीकांत की मुर्गी रजनीकांत की मुर्गी Reviewed by Virendra Singh on October 08, 2015 Rating: 5

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