Love Shayri - mere yar ki ankhe

समंदर से भी गहरी है,
मेरे यार की आँखें….!!
नदियों से भी लहरी है,
मेरे दिलदार की आँखे,
खो जाता हूँ इन नैन में,
जो फूल सी सुन्दर है
मेरे प्यार की आँखे..!!
कभी उठता हूँ, कभी गिरता हूँ
जाम से भी नशीली है,
मेरे जाने बहार की आँखे.
जल जाता हूँ इन बहारों में,
ज्वाला मुखी से भी तेज़ है,
मेरे दिलबहार की आँखे….!
डूब जाता हूँ इन नज़रों मैं,
ऐसी है मेरे तलबदार की आँखे ..!!!
Love Shayri - mere yar ki ankhe Love Shayri - mere yar ki ankhe Reviewed by Virendra Singh on September 22, 2015 Rating: 5

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