ज्यादा पीनी मज़बूरी थी

एक शराबी सड़क के किनारे बहुत ज्यादा पीने के कारण लगभग बेसुध सा पड़ा हुआ था.

एक भले आदमी ने उसके पास आकर पूछा –“आखिर इतनी ज्यादा पीनेकी क्या जरूरत थी ?”

शराबी -“मजबूरी थी … पीने के अलावा और कोई चारा ही नहीं था..


भला आदमी -"आखिर ऐसी क्या मजबूरी हो गई थी ?”.

शराबी -“बोतल का ढक्कन गुम हो गया था …
ज्यादा पीनी मज़बूरी थी ज्यादा पीनी मज़बूरी थी Reviewed by Virendra Singh on September 29, 2015 Rating: 5

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