शायरी - हस्ते रहो हँसाते रहो

हँसना जरूरी है...

फूलो की तरह महकते रहो
सितारों की तरह चमकते रहो ,
बड़ी मुश्किल से मिली है ये जिंदगी ऐ मेरे दोस्त खुद भी हँसो और 
दुसरो को भी हँसाते रहो
शायरी - हस्ते रहो हँसाते रहो शायरी - हस्ते रहो हँसाते रहो Reviewed by Virendra Singh on September 22, 2015 Rating: 5

1 comment:

  1. बहुत ही सुंदर रचना। बहुत पसंद आई।

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