चश्मा लगा के पढ़ सकूँगा

रामलाल (डॉक्टर से)- डॉक्टर साहब! मैं चश्मा लगाकर पढ़ सकूंगा न?

डॉक्टर (रामलाल से)- हां.. हां.. बील्कुल।

रामलाल- तो फीर ठीक है वरना अनपढ़ आदमी की जीन्दगी भी कोई जीन्दगी है।.
चश्मा लगा के पढ़ सकूँगा चश्मा लगा के पढ़ सकूँगा Reviewed by Virendra Singh on April 29, 2015 Rating: 5

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